हमीरपुर में PNB अधिकारियों की सूझबूझ से टली 70 लाख की साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट का था मामला
हमीरपुर में PNB अधिकारियों की सूझबूझ से टली 70 लाख की साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट का था मामला

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 3, 2026 10:42 a.m. 147

हमीरपुर, 2 सितंबर। पंजाब नेशनल बैंक की भूंपल शाखा के अधिकारियों की सतर्कता और सूझबूझ से क्षेत्र का एक ग्राहक बड़ी साइबर ठगी का शिकार होने से बच गया। बैंक अधिकारियों के अनुसार ग्राहक करीब 70 लाख रुपये की रकम संदिग्ध खाते में भेजने की तैयारी कर रहा था, लेकिन समय रहते संदेह होने पर बैंक कर्मचारियों ने उससे पूछताछ की और पूरे मामले का खुलासा हो गया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि यह मामला कथित डिजिटल अरेस्ट और ब्लैकमेलिंग से जुड़ा था। ग्राहक को पुलिस अधिकारी के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए डराया जा रहा था और पैसे ट्रांसफर नहीं करने पर गिरफ्तारी की धमकी दी जा रही थी।

25 अगस्त को पहली बार बैंक पहुंचा था ग्राहक

PNB भूंपल शाखा की प्रबंधक अंकिता संदल, उप प्रबंधक मीनाक्षी शर्मा और संजय सूद के अनुसार ग्राहक पहली बार 25 अगस्त को बैंक पहुंचा था।उसने अपने दूसरे बैंक खाते से पंजाब नेशनल बैंक  के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर करने और उसके बाद इस राशि को किसी कंपनी के खाते में भेजने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। ग्राहक ने बैंक अधिकारियों को बताया था कि यह पैसा उसके बेटे के लिए फ्लैट खरीदने में इस्तेमाल किया जाएगा।

55 लाख रुपये खाते में आने पर बैंक अधिकारियों को हुआ संदेह

बैंक के अनुसार 29 अगस्त को ग्राहक ने अपने भूंपल शाखा के खाते में 55 लाख रुपये जमा करवाए और इसके बाद पूरी रकम को आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में ट्रांसफर करने का आग्रह किया। इतनी बड़ी राशि के तत्काल हस्तांतरण को लेकर बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने ग्राहक से अतिरिक्त जानकारी मांगी और उसके बेटे से भी संपर्क किया।

31 अगस्त को पूछताछ में सामने आया डिजिटल अरेस्ट का सच

31 अगस्त को ग्राहक एक बार फिर बैंक शाखा पहुंचा और रकम ट्रांसफर करने का आग्रह करने लगा। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने उससे बार-बार सही जानकारी बताने के लिए कहा। पूछताछ के बाद ग्राहक ने बताया कि उसे 19 अगस्त से पुलिस अधिकारी के नाम और फोटो वाली व्हाट्सऐप कॉल आ रही थीं। कॉल करने वाले लोग कथित तौर पर उसे ब्लैकमेल कर रहे थे और रकम ट्रांसफर नहीं करने पर गिरफ्तारी की धमकी दे रहे थे। डर के कारण ग्राहक पैसे भेजने की तैयारी कर रहा था।

बैंक ने पहचाना डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का मामला

बैंक अधिकारियों ने ग्राहक को बताया कि यह तथाकथित डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड का मामला है और किसी भी पुलिस या जांच एजेंसी की ओर से इस प्रकार वीडियो या व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से पैसे भेजने के लिए दबाव नहीं बनाया जाता। मामले की वास्तविकता सामने आने के बाद ग्राहक ने राहत की सांस ली और रकम को ट्रांसफर करने के बजाय बैंक में एफडी के रूप में जमा करवा दिया।

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PNB अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

PNB भूंपल शाखा के अधिकारियों ने लोगों से साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।उन्होंने कहा कि पुलिस, बैंक अधिकारी या किसी सरकारी एजेंसी के नाम पर कॉल कर यदि कोई व्यक्ति पैसे ट्रांसफर करने, OTP बताने या गिरफ्तारी की धमकी देता है तो ऐसी कॉल पर भरोसा न करें। संदिग्ध कॉल या संदेश मिलने पर तुरंत बैंक, पुलिस या संबंधित साइबर क्राइम अधिकारियों को जानकारी देनी चाहिए।

 

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