वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण मिलने पर अनुराग ठाकुर ने जताई खुशी
वंदे मातरम् को कानूनी संरक्षण मिलने पर अनुराग ठाकुर ने जताई खुशी

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

May 7, 2026 3:58 p.m. 1762

हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन को मंजूरी दिए जाने पर खुशी जताई है। इस फैसले के बाद अब राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को भी राष्ट्रगान जन गण मन की तरह वैधानिक संरक्षण प्राप्त होगा। केंद्र सरकार के इस निर्णय को राष्ट्रीय सम्मान और सांस्कृतिक विरासत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला लंबे समय से देशभर में उठ रही मांग को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है। यह गीत वर्षों से देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देता आया है।

जानकारी के अनुसार इस संशोधन के बाद वंदे मातरम् के जानबूझकर अपमान, अवरोध या अनादर के मामलों में कानूनी कार्रवाई संभव होगी। सरकार का मानना है कि इससे राष्ट्रगीत की गरिमा और सम्मान को और मजबूती मिलेगी। वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1875 में की थी और वर्ष 1950 में इसे राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया गया था।

अनुराग ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस विषय को लोकसभा के बजट सत्र के दौरान रूल 377 के तहत प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने संसद में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका और इसके सम्मान की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधान बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का भी आभार व्यक्त किया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस विषय पर तेजी से निर्णय लेकर देश की भावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने आजादी की लड़ाई के दौरान लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया था। यह गीत देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक रहा है। ऐसे में इसे कानूनी संरक्षण देना बेहद जरूरी था।

केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी खुशी का माहौल देखा जा रहा है। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि इससे आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान और जागरूकता और अधिक बढ़ेगी।

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