थाईलैंड में चुराह के राजेश कुमार ने पावरलिफ्टिंग में जीता स्वर्ण पदक
थाईलैंड में चुराह के राजेश कुमार ने पावरलिफ्टिंग में जीता स्वर्ण पदक

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Aug. 24, 2026 10:22 a.m. 114

चंबा जिले के चुराह उपमंडल के लिए 2026 का यह गौरवपूर्ण क्षण लंबे समय तक याद रखा जाएगा। ग्राम पंचायत जसौरगढ़ निवासी राजेश कुमार ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है। थाईलैंड के चियांग माई में आयोजित World Powerlifting Championship में राजेश कुमार ने अपनी ताकत और शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए Gold Medal अपने नाम किया। राजेश की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे चंबा और हिमाचल प्रदेश में भी गर्व की भावना देखने को मिल रही है। दुर्गम क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

130 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में दिखाया दम

20 से 22 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के चियांग माई शहर में आयोजित इस प्रतियोगिता में दुनिया के अलग-अलग देशों से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच राजेश कुमार ने 130 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपनी ताकत, अनुशासन और लंबे समय की मेहनत का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मुकाबले में बढ़त बनाई और अंततः स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। राजेश की इस सफलता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय Powerlifting खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी को भी सामने रखा है।

टीम इंडिया का हिस्सा बनकर किया देश का प्रतिनिधित्व

राजेश कुमार का चयन पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता के लिए भारतीय दल में हुआ था। प्रतियोगिता से संबंधित आधिकारिक खिलाड़ी विवरण में भी उनका नाम भारतीय टीम के सदस्य के तौर पर दर्ज था। देश की ओर से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना किसी भी खिलाड़ी के लिए गौरव की बात होती है। राजेश ने इस जिम्मेदारी को पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ निभाया। उनका Powerlifting Championship में स्वर्ण पदक जीतना उनके खेल जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

चुराह से थाईलैंड तक पहुंची सफलता की कहानी

चुराह उपमंडल को भौगोलिक रूप से हिमाचल के कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में गिना जाता है। ऐसे क्षेत्र से निकलकर किसी खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना युवाओं के लिए विशेष प्रेरणा का विषय है। राजेश कुमार की सफलता यह संदेश देती है कि सुविधाओं की कमी किसी व्यक्ति के सपनों को रोक नहीं सकती। अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो छोटे से गांव से निकलकर भी खिलाड़ी दुनिया के बड़े मंच तक पहुंच सकता है।

घर पहुंची जीत की खबर तो खुशी से झूम उठा क्षेत्र

राजेश कुमार के स्वर्ण पदक जीतने की खबर जैसे ही उनके गृह क्षेत्र में पहुंची, परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने राजेश को फोन और विभिन्न माध्यमों से बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजेश ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। लगातार अभ्यास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चंबा और हिमाचल के लिए गौरव की बात

राजेश कुमार की यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत सफलता नहीं है। यह पूरे Chamba जिले, हिमाचल प्रदेश और विशेष रूप से चुराह क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय तिरंगा ऊंचा करना हर खिलाड़ी के लिए सबसे बड़े सम्मान में से एक माना जाता है। राजेश की उपलब्धि से चुराह के उन युवाओं को भी नई प्रेरणा मिलेगी, जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश देती है।

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युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत

राजेश कुमार की कहानी बताती है कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल संसाधन ही जरूरी नहीं होते, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार मेहनत भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। चुराह जैसे क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना निश्चित रूप से पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। राजेश कुमार की इस शानदार उपलब्धि पर परिवार और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों को उम्मीद है कि वह आने वाले समय में भी देश के लिए इसी तरह पदक जीतकर हिमाचल और चंबा का नाम रोशन करते रहेंगे।

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