शिमला पुलिस ने दिल्ली से पकड़ा 16 लाख की साइबर ठगी का आरोपी
शिमला पुलिस ने दिल्ली से पकड़ा 16 लाख की साइबर ठगी का आरोपी

Post by : Himachal Bureau

Aug. 22, 2026 4:42 p.m. 130

शिमला, 22 अगस्त। शिमला में सामने आए साइबर ठगी के एक बड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक व्यक्ति के बैंक खाते से धोखाधड़ी के जरिए करीब 16 लाख रुपये निकालने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया।

बैंक खाते से 16 लाख रुपये निकालने का आरोप

पुलिस के अनुसार, शिमला सदर थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक पीड़ित के भारतीय स्टेट बैंक खाते से 11 अक्टूबर 2025 से 14 अक्टूबर 2025 के बीच धोखे से कुल 16 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई थी। खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने के बाद पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर बैंक खाते से रकम निकाली थी।

तकनीकी जांच से सामने आया आरोपी का नाम

Shimla Cyber Crime मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े सुरागों का सहारा लिया। जांच टीम ने लेनदेन से संबंधित जानकारी, डिजिटल प्रमाण और अन्य तकनीकी तथ्यों को खंगाला। जांच आगे बढ़ने पर दिल्ली के यमुना विहार निवासी अमान अली पुत्र शमशाद अली की कथित संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटानी शुरू की।

दिल्ली के भजनपुरा में पुलिस की दबिश

Delhi Cyber Fraud मामले से जुड़े आरोपी की तलाश में शिमला पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची। पुलिस ने प्राप्त सूचना के आधार पर भजनपुरा क्षेत्र में दबिश दी और अमान अली को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दिल्ली से शिमला लेकर आई। इसके लिए पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया अपनाई। शिमला पहुंचने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस रिमांड में होगी पूछताछ

न्यायालय ने आरोपी को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित ठगी में और कौन-कौन लोग शामिल थे और रकम को किस माध्यम से निकाला या स्थानांतरित किया गया। 16 लाख साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस आरोपी से बैंक खाते, लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कथित तौर पर इस वारदात को किस तरह अंजाम दिया।

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दिसंबर 2025 में दर्ज हुआ था मामला

पुलिस ने शिकायत के आधार पर 5 दिसंबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद से पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची। Shimla Police की इस कार्रवाई को ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी

इस घटना ने एक बार फिर लोगों को ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है। किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। संदिग्ध लेनदेन दिखाई देने पर तुरंत संबंधित बैंक और पुलिस को इसकी सूचना देना जरूरी है।

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