Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में बागवानी को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों का असर अब किसानों की जमीन पर दिखाई देने लगा है। बंगाणा विकास खंड की ग्राम पंचायत बौल के 66 वर्षीय बागवान अजमेर सिंह ने HP SHIVA Project की मदद से ऐसी जमीन को फलदार बगीचे में बदल दिया, जहां कभी पानी की कमी और जंगली जानवरों के कारण खेती करना मुश्किल माना जाता था। आज उनकी बगिया में तैयार Guava Farming की फसल हिमाचल से बाहर उत्तर प्रदेश के बाजारों तक पहुंच रही है।
अजमेर सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 25 कनाल भूमि से अमरूद की खेती शुरू की थी। बेहतर परिणाम मिलने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे बागवानी का विस्तार किया और अब यह क्षेत्र लगभग 125 कनाल तक पहुंच चुका है। उनकी बगिया में श्वेता और ललिता किस्म के अमरूद तैयार किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष बगीचे से लगभग 25 क्विंटल अमरूद का उत्पादन हुआ। पूरी फसल मुरादाबाद के व्यापारी को 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची गई। इससे उन्हें करीब 1.25 लाख रुपये की कुल आय हुई। खेती और बागवानी से जुड़े खर्च निकालने के बाद लगभग 50 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।
अजमेर सिंह के अनुसार Horticulture विभाग और परियोजना के सहयोग से उनकी जमीन का समतलीकरण किया गया तथा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करवाई गई। इससे पानी की समस्या काफी हद तक दूर हुई। उन्हें गुणवत्तापूर्ण पौधों के साथ ड्रिप सिंचाई, केंचुआ खाद, मल्चिंग सामग्री, कंपोजिट फेंसिंग और आवश्यक कृषि सामग्री भी उपलब्ध करवाई गई। इन सुविधाओं के साथ विभागीय अधिकारियों की तकनीकी सलाह ने उन्हें वैज्ञानिक तरीके से बागवानी करने में मदद की। इसके बाद उनका भरोसा बढ़ा और उन्होंने अपनी बगिया का क्षेत्र लगातार बढ़ाया।
अजमेर सिंह ने हमीरपुर स्थित नेरी कॉलेज में पांच दिवसीय प्रशिक्षण भी लिया। इस दौरान उन्होंने पौधों की छंटाई, रोगों की पहचान, उपचार और बगीचे के वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़ी जानकारी हासिल की। विभागीय अधिकारी समय-समय पर उनके बगीचे का निरीक्षण कर आवश्यक सलाह भी देते हैं।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. के.के. भारद्वाज के अनुसार HP SHIVA परियोजना प्रदेश में फल आधारित खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 2024-25 में बंगाणा विकास खंड में करीब 15 हेक्टेयर क्षेत्र में 17 हजार अमरूद के पौधे लगाए गए। वहीं 2025-26 में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद, मौसमी और माल्टा के करीब 55 हजार पौधे लगाए गए। परियोजना के तहत Fruit Farming के लिए भूमि विकास, फलदार पौधे, ड्रिप सिंचाई, कंपोजिट फेंसिंग सहित कई सुविधाएं किसानों को अनुदान के आधार पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
Read Also: भोटा बस स्टैंड के पास खराब बस से बढ़ी लोगों की परेशानी
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि किसानों को आधुनिक सुविधाएं और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उन्हें वैज्ञानिक बागवानी की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना भी है। अजमेर सिंह की सफलता यह संदेश देती है कि उचित तकनीक, सरकारी सहायता और मेहनत के साथ सीमित सुविधाओं वाली जमीन को भी लाभदायक बागवानी का माध्यम बनाया जा सकता है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी Farmer Income बढ़ाने की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।
मणिमहेश यात्रा 2026: पंजीकरण जरूरी, प्लास्टिक और तंबाकू पर र...
Manimahesh Yatra 2026 में श्रद्धालुओं के लिए Registration अनिवार्य, छोटे प्लास्टिक पैकेट और बोतलों प
मां आशापुरी मंदिर का इतिहास, पांडवों से जुड़ी हैं कई मान्यता...
Maa Ashapuri Temple: पांडव काल से जुड़ा मंदिर इतिहा
चंबा मिंजर मेला समापन समारोह में CM सुक्खू करेंगे अध्यक्षता,...
चंबा मिंजर मेला 2026 के समापन समारोह में CM Sukhu शामिल होंगे, मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन समेत कई विका
किन्नर कैलाश यात्रा शुरू, पहले दिन 115 श्रद्धालुओं ने किया प...
Himachal News: Kinner Kailash Yatra शुरू, पहले दिन 115 श्रद्धालु रवाना। Online Registration जारी, Fi
मणिमहेश यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवा...
Manimahesh Yatra 2026 में Online Registration, Chamba News, Yatra Update, Pilgrims Safety के लिए नई
गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु महिमा, आस्था और भारतीय संस्कृति का ...
Guru Purnima 2026 पर जानें Guru Purnima, Guru Purnima 2026, Vyas Purnima, Guru Importance, Indian Cu
कॉमनवेल्थ गेम्स में सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में जीता रजत पद...
Commonwealth Games, Sarvesh Kushare, High Jump, Silver Medal, India Athletics में भारत को मिला रजत प