तीर्थन घाटी की दो बेटियों ने बढ़ाया बंजार का मान, बड़े संस्थानों में चयन
तीर्थन घाटी की दो बेटियों ने बढ़ाया बंजार का मान, बड़े संस्थानों में चयन

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Aug. 8, 2026 3:44 p.m. 119

जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल की तीर्थन घाटी स्थित देहुरी गांव की दो बेटियों प्रांजली शर्मा और पारुल शर्मा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों बहनों ने प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हासिल कर परिवार के साथ-साथ पूरे बंजार और तीर्थन घाटी को गौरवान्वित किया है। ग्रामीण परिवेश में रहकर पढ़ाई करने वाली दोनों बहनों की इस उपलब्धि से गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता को क्षेत्र के विद्यार्थियों और खासकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

प्रांजली का नौणी विश्वविद्यालय में चयन

देहुरी गांव निवासी साया शर्मा और ज्योति शर्मा की बेटी प्रांजली शर्मा का चयन सोलन के नौणी स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय उद्यानिकी एवं वानिकी में हुआ है। प्रांजली को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए उद्यानिकी में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला है। Nauni University Admission में चयन प्रांजली की मेहनत और शैक्षणिक लगन का परिणाम है। उद्यानिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलने से परिवार बेहद उत्साहित है।

पारुल ने एनआईटी हमीरपुर में बनाई जगह

प्रांजली की बहन पारुल शर्मा ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। उनका चयन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में वास्तुकला में स्नातक पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। पारुल को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश मिला है। NIT Hamirpur Admission में जगह बनाना उनके परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। दोनों बहनों ने अलग-अलग क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के लिए कदम बढ़ाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।

बंजार से पूरी की स्कूली पढ़ाई

प्रांजली और पारुल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई मिनर्वा पब्लिक स्कूल, बंजार से की। इसके बाद दोनों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बंजार से गैर-चिकित्सा विषय के साथ बारहवीं की शिक्षा पूरी की। स्कूली शिक्षा अपने ही क्षेत्र में पूरी करने के बाद दोनों बहनों ने अपनी मेहनत के बल पर हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश हासिल किया। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर भी विद्यार्थी बड़े शैक्षणिक संस्थानों में अपनी जगह बना सकते हैं।

पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी रुचि

प्रांजली पढ़ाई के साथ कई रचनात्मक और साहसिक गतिविधियों में रुचि रखती हैं। उन्हें गिटार बजाने, वीडियो संपादन, ट्रैकिंग और पैदल पहाड़ी यात्राओं का शौक है। वहीं पारुल की दिलचस्पी ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटोग्राफी में है। पढ़ाई के साथ अपनी रुचियों को समय देना दोनों बहनों की बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।

माता-पिता और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय

अपनी उपलब्धि पर प्रांजली और पारुल ने सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। दोनों बहनों के अनुसार परिवार से मिले निरंतर सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने में मदद की। उन्होंने कहा कि आगे भी वे पूरी मेहनत और लगन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी और परिवार तथा क्षेत्र का नाम आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगी।

पिता होटल व्यवसाय के साथ हास्य कलाकार और ब्लॉगर

दोनों बेटियों के पिता साया शर्मा तीर्थन घाटी में होटल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा वह हास्य कलाकार और ब्लॉगर के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। वह हास्य और ब्लॉगिंग के माध्यम से स्थानीय जीवन, संस्कृति और क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाते हैं। मां ज्योति शर्मा गृहिणी हैं। उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ दोनों बेटियों की शिक्षा और उनके सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए बनीं मिसाल

प्रांजली और पारुल की सफलता की खास बात यह है कि दोनों ने अपनी स्कूली शिक्षा बंजार में रहते हुए पूरी की और इसके बाद प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश प्राप्त किया। Girls Education Success की यह कहानी ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक सकारात्मक संदेश है। दोनों बहनों ने दिखाया है कि सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के सहारे बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

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पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल

दोनों बहनों की उपलब्धि पर देहुरी गांव, ग्राम पंचायत कलवारी, तीर्थन घाटी और बंजार क्षेत्र के लोगों ने परिवार को बधाई दी है। स्थानीय लोगों ने प्रांजली और पारुल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ा है। Tirthan Valley News में सामने आई यह उपलब्धि आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा और अपने सपनों को लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है।

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