महिलाओं की शिकायत के बाद जाजर पहुंचे एसडीएम, जल स्रोत का किया निरीक्षण
महिलाओं की शिकायत के बाद जाजर पहुंचे एसडीएम, जल स्रोत का किया निरीक्षण

Author : Gopal Dutt Sharma

June 3, 2026 1 p.m. 470

सिरमौर जिले के राजगढ़ क्षेत्र के जाजर गांव में पेयजल स्रोत के आसपास बढ़ते कचरे और संभावित जल प्रदूषण को लेकर ग्रामीण महिलाओं ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। गांव की महिलाओं ने एकजुट होकर इस गंभीर समस्या को उठाया और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। महिलाओं का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

महिला मंडल जाजर के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम राजगढ़ राज कुमार ठाकुर से मुलाकात कर उन्हें गांव की स्थिति से अवगत कराया। महिलाओं ने बताया कि जाजर गांव राजगढ़-बड़गला मार्ग के नीचे स्थित है और इसी क्षेत्र में गांव का प्रमुख पेयजल स्रोत भी मौजूद है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे कई रिहायशी मकान बने हुए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं, लेकिन क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग अपना घरेलू कचरा खुले स्थानों और ढलानों में फेंक रहे हैं।

महिलाओं ने चिंता जताई कि खुले में फेंका गया कचरा धीरे-धीरे पेयजल स्रोत के आसपास फैल रहा है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान यह कचरा जल स्रोत तक पहुंच सकता है, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा क्षेत्र में गंदगी फैलने से पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर पड़ रहा है और आसपास रहने वाले लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

शिकायत मिलने के बाद एसडीएम राजगढ़ ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खंड स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने क्षेत्र की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर समस्या के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के बाद एसडीएम ने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र के लोगों को खुले में कचरा न फेंकने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले लोगों को समझाकर और चेतावनी देकर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही समस्या पर निगरानी रखने के लिए उपयुक्त स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की भी बात कही गई, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान की जा सके।

एसडीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जागरूकता अभियान और चेतावनी के बावजूद कोई व्यक्ति खुले में कचरा फेंकता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।

इस बीच जल शक्ति विभाग की टीम ने पेयजल स्रोत से पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद पानी की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी प्रकार की समस्या सामने आती है तो विभाग आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगा।

एसडीएम राज कुमार ठाकुर ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है और लोगों के सहयोग से इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद गांव के पेयजल स्रोत की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं से राहत मिलेगी।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #सिरमौर
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
लगातार हार के बाद भारतीय टीम पर बीसीसीआई की नजर, कप्तान और कोच की होगी समीक्षा कांगड़ा के शाहपुर में पुलिस थाने के बाहर गिरे बुजुर्ग, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित हिमाचल में बारिश का कहर, 310 सड़कें बंद, कई घरों पर भूस्खलन का खतरा HP Police Constable Recruitment: हिमाचल पुलिस भर्ती में डोप टेस्ट अनिवार्य, चार चरणों में होगा चयन हिमाचल हाईकोर्ट ने पूर्व डीजीपी को दी राहत, कारोबारी की शिकायत पर चल रही कार्यवाही हुई समाप्त कांगड़ा में तीन दिन से लापता युवक का मिला शव, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच चेन्नई में पहली बार गूंजेगा बिग बैश लीग का रोमांच, 12 दिसंबर को होगा मुकाबला मुख्यमंत्री सुक्खू ने लॉन्च की जल विभाग की नई किताब, जानिए क्यों है खास?