तेलंगाना स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश
तेलंगाना स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश

Post by : Himachal Bureau

June 3, 2026 11:46 a.m. 726

राजधानी शिमला के लोक भवन में तेलंगाना स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। यह कार्यक्रम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विविधता के महत्व पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और जीवनशैली देखने को मिलती हैं। इसके बावजूद देश की सबसे बड़ी शक्ति इसकी एकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाने का उद्देश्य केवल इतिहास को याद करना नहीं है, बल्कि उन मूल्यों और संघर्षों को सम्मान देना भी है, जिनकी बदौलत राज्यों का विकास और निर्माण संभव हो पाया।

उन्होंने कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ जैसी पहल देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच आपसी समझ, सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है। इस प्रकार के आयोजन नागरिकों को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को जानने और समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे राष्ट्रीय एकता की भावना और अधिक मजबूत होती है।

राज्यपाल ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता में एकता है। अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले लोग भले ही अपनी भाषा, पहनावे और रीति-रिवाजों के कारण अलग दिखाई देते हों, लेकिन उनकी पहली पहचान भारतीय होने की है। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज में भाईचारा, सद्भाव, आपसी सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के विकास और प्रगति के लिए सभी नागरिकों का एकजुट होकर कार्य करना जरूरी है। जब लोग क्षेत्र, जाति, भाषा और अन्य भेदभावों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हैं, तब देश मजबूत और समृद्ध बनता है। उन्होंने युवाओं से भी आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना स्थापना दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने तेलंगाना राज्य के गठन की यात्रा, उसकी सांस्कृतिक विशेषताओं और देश के विकास में उसके योगदान की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में तेलंगाना की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और उपलब्धियों को भी याद किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच भावनात्मक संबंधों को मजबूत करते हैं। इससे न केवल सांस्कृतिक समझ बढ़ती है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे के प्रति सम्मान और विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कार्यक्रम से जुड़े तेलंगाना के नागरिकों को सम्मानित भी किया और उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति, एकता और सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई दिया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय गौरव के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया और भारत को और अधिक सशक्त, समृद्ध तथा समावेशी राष्ट्र बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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