लॉकडाउन में बंद RKMV में लाखों का खर्च ऑडिट ने उठाए सवाल
लॉकडाउन में बंद RKMV में लाखों का खर्च ऑडिट ने उठाए सवाल

Post by : Ram Chandar

Feb. 27, 2026 10:04 a.m. 2639

राजकीय कन्या महाविद्यालय: शिमला (RKMV) में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान संस्थान बंद रहने के बावजूद बिजली और टेलीफोन बिलों पर 6.84 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश सरकार के राज्य ऑडिट विभाग ने आपत्ति जताते हुए कॉलेज प्रशासन से व्यय का पूरा औचित्य स्पष्ट करने को कहा है।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान कोविड-19 महामारी के कारण 16 मार्च 2020 से 12 फरवरी 2021 तक प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। इस अवधि में छात्रावास और कार्यालय गतिविधियां भी सीमित थीं। इसके बावजूद आरकेएमवी में छात्रावास निधि और छात्र निधि से बिजली एवं दूरसंचार सेवाओं पर कुल 6,83,733 रुपये खर्च किए गए, जिसे ऑडिट टीम ने परिस्थितियों के अनुरूप असामान्य व्यय माना है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि छात्रावास अमलगमेटेड फंड से कई किस्तों में बिजली बिल जमा किए गए। साथ ही टेलीफोन बिलों का भुगतान भी छात्रावास निधि से किया गया। इसके अतिरिक्त छात्र निधि से कार्यालय के बिजली बिलों का भुगतान किया गया, जिस पर भी आपत्ति दर्ज की गई है। ऑडिट विभाग का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान संस्थान बंद रहने के कारण बिजली और दूरसंचार खर्च सीमित होना चाहिए था, जबकि वास्तविक व्यय अपेक्षा से अधिक पाया गया।

यह मामला ऑडिट अभियान संख्या SKF-AG/State Audit-2025-114 के अंतर्गत 8 अगस्त 2025 को दर्ज किया गया है। संस्थान को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे व्यय का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित मद में राशि की प्रतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

इसी प्रकार राजकीय महाविद्यालय अंब (जिला ऊना) में हिमाचली बोनाफाइड छात्राओं से ट्यूशन फीस लेने का प्रावधान नहीं होने के बावजूद 34,200 रुपये की वसूली का मामला भी सामने आया है। इस पर भी ऑडिट विभाग ने आपत्ति जताते हुए संबंधित संस्थान से स्पष्टीकरण मांगा है।

महाविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रारंभिक जवाब में बताया गया है कि मामले की संस्थान स्तर पर जांच की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई के बाद विस्तृत रिपोर्ट ऑडिट विभाग को भेजी जाएगी।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने कहा कि ऑडिट आपत्तियों के संबंध में कॉलेज प्रबंधन से जवाब तलब किया जाएगा। वहीं कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि लॉकडाउन अवधि में स्वीकृत विद्युत लोड अधिक होने के कारण बिजली बिल ज्यादा आया था। अब विद्युत लोड कम कर दिया गया है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग साढ़े तीन लाख रुपये की बचत हो रही है।

#शिमला #हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक, सराज का नाम किया रोशन 1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंबर तक चलेगी यात्रा हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज हथलौंण की बेटी शिल्पा सोनी का चयन, बंगाणा में बनेंगी रसायन प्रवक्ता