चंबा में शराब पीकर स्कूल पहुंचे दो शिक्षक, विभाग ने किया निलंबित
चंबा में शराब पीकर स्कूल पहुंचे दो शिक्षक, विभाग ने किया निलंबित

Post by : Himachal Bureau

May 15, 2026 3:18 p.m. 1556

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। दोनों शिक्षकों पर स्कूल में अनुशासनहीनता फैलाने और शराब के नशे में ड्यूटी पर आने के गंभीर आरोप लगे थे। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच के बाद विभाग ने यह सख्त कदम उठाया। इस कार्रवाई के बाद जिले के कई शिक्षण संस्थानों में हलचल का माहौल बना हुआ है और विभाग की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, एक शिक्षक शिक्षा खंड बनीखेत के राजकीय प्राथमिक पाठशाला स्वागलू में तैनात था, जबकि दूसरा शिक्षक शिक्षा खंड भरमौर के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चौबिया में कार्यरत था। विभाग को लंबे समय से दोनों शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि शिक्षक कई बार शराब के नशे में स्कूल पहुंचते थे और समय पर अपनी ड्यूटी भी नहीं निभाते थे। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और स्कूल का माहौल भी खराब हो रहा था।

इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग ने निलंबन के बाद दोनों शिक्षकों के मुख्यालय भी बदल दिए हैं। एक शिक्षक का मुख्यालय कल्हेल कार्यालय तय किया गया है, जबकि दूसरे शिक्षक को उदयपुर कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

बताया जा रहा है कि विभाग ने इससे पहले भी दोनों शिक्षकों को सुधार के लिए कई बार चेतावनी दी थी। अधिकारियों की ओर से उन्हें अपने व्यवहार और कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जब शिकायतें लगातार मिलती रहीं और जांच में आरोप सही पाए गए, तब विभाग ने सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया।

शिक्षा विभाग का कहना है कि शिक्षक समाज में आदर्श माने जाते हैं और बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने की जिम्मेदारी उन्हीं पर होती है। ऐसे में यदि कोई शिक्षक अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही दिखाता है या अनुशासनहीनता करता है तो इसका गलत असर छात्रों पर पड़ता है। विभाग ने साफ किया है कि स्कूलों में किसी भी तरह का गलत आचरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस घटना के बाद अभिभावकों ने विभाग की कार्रवाई का समर्थन किया है। उनका कहना है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और सुरक्षित माहौल देना बेहद जरूरी है। यदि शिक्षक ही अनुशासन का पालन नहीं करेंगे तो बच्चों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कई लोगों ने विभाग से स्कूलों में नियमित निरीक्षण बढ़ाने की मांग भी की है।

हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार कई कदम उठा रही है। स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई को विभाग की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षक किसी भी समाज की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए शिक्षकों का व्यवहार और अनुशासन हमेशा बेहतर होना चाहिए। बच्चों के सामने उनका आचरण ही सबसे बड़ा उदाहरण बनता है।

इस मामले के सामने आने के बाद पूरे जिले में चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि विभाग की यह कार्रवाई दूसरे कर्मचारियों के लिए भी चेतावनी साबित होगी। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग शिक्षा व्यवस्था में सुधार और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।

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