आईजीएमसी विवाद: बर्खास्त डॉक्टर के समर्थन में उतरे चिकित्सक, CM से मिलेंगे
आईजीएमसी विवाद: बर्खास्त डॉक्टर के समर्थन में उतरे चिकित्सक, CM से मिलेंगे

Post by : Himachal Bureau

Dec. 26, 2025 10:49 a.m. 3547

आईजीएमसी शिमला में मरीज से मारपीट के वायरल वीडियो के बाद बर्खास्त किए गए डॉक्टर के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। डॉक्टर की सेवाएं समाप्त किए जाने के फैसले के विरोध में स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स और रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करने जा रहा है। चिकित्सक संगठनों का कहना है कि मुख्यमंत्री के समक्ष बर्खास्तगी के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग रखी जाएगी और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए।

डॉक्टर संगठनों का तर्क है कि आईजीएमसी में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण जरूर है, लेकिन उस दौरान चिकित्सकों को भी भारी दबाव, गाली-गलौज और कथित धमकियों का सामना करना पड़ा था। उनका कहना है कि केवल एक पक्ष को दोषी ठहराकर कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को आईजीएमसी परिसर में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन और अन्य संगठनों द्वारा गेट मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें हालिया घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में बर्खास्त किए गए डॉक्टर के खिलाफ जारी आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही आरोप लगाया गया कि संबंधित डॉक्टर को जान से मारने और देश छोड़ने तक की धमकियां दी गईं, जिस पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। संगठनों ने यह भी दावा किया कि अस्पताल परिसर के भीतर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने की घटनाएं सामने आईं, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा और अस्पताल का कार्य वातावरण प्रभावित हुआ है।

डॉक्टर संगठनों ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कवरेज और पूर्व में तय किए गए सुरक्षा मानकों के लागू न होने पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने पूरे मामले की व्यापक समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। बैठक के बाद रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने शुक्रवार को एक दिवसीय सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेने की घोषणा की, क्योंकि मुख्यमंत्री से सुबह निर्धारित समय पर मुलाकात प्रस्तावित है।

डॉक्टर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 27 दिसंबर से नियमित सेवाएं बंद कर हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर ओपीडी और वैकल्पिक ऑपरेशन थिएटर सेवाएं ठप रहेंगी।

इस बीच हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन भी रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के समर्थन में उतर आई है। संगठन ने भी एक दिवसीय सामूहिक अवकाश की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो प्रदेशभर में आपात सेवाओं को छोड़कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं बाधित की जा सकती हैं। आने वाले दिनों में सरकार के फैसले पर पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा निर्भर करती नजर आ रही है।

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