Author : Rajesh Vyas
चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में एक व्यापक भूकंप मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को आपदा के दौरान सुरक्षा और बचाव कार्यों के लिए तैयार करना था। यह ड्रिल छात्र कल्याण संगठन के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जबकि इसके मार्गदर्शन में छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. देश राज चौधरी ने विशेष भूमिका निभाई।
विश्वविद्यालय के चार घटक महाविद्यालयों के लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने इस अभ्यास में सक्रिय भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें कृषि महाविद्यालय के परीक्षा भवन में परीक्षा चल रही थी और अचानक भूकंप आने का संकेत दिया गया। इस काल्पनिक स्थिति में 123 छात्र और 5 शिक्षक कक्ष में उपस्थित थे।
जैसे ही भूकंप आने का “सिंहावलोकन” किया गया, विश्वविद्यालय की आपातकालीन प्रोटोकॉल टीम तुरंत सक्रिय हो गई। प्राध्यापक, एनएसएस स्वयंसेवक और एनसीसी कैडेट्स से युक्त टीमों ने तुरंत कक्षों में उपस्थित छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए खोज और बचाव अभियान शुरू किया। प्राथमिक उपचार टीम ने घायल “व्यक्तियों” को तुरंत चिकित्सीय सहायता प्रदान की। वहीं, त्वरित प्रतिक्रिया टीम ने समग्र आपदा प्रबंधन का समन्वय सुनिश्चित किया।
संचार और सूचना अधिकारियों ने समय पर आवश्यक सूचनाओं का प्रसार किया, जिससे सभी विभाग और छात्र सुरक्षित तरीके से निकासी प्रक्रिया में सहयोग कर सके। सुरक्षा एवं निकासी टीमों ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित एकत्रीकरण सुनिश्चित किया, ताकि कोई भी अव्यवस्था न हो।
इस अभ्यास का निरीक्षण विश्वविद्यालय के प्रमुख कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने किया। उन्होंने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1077 के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित किया और प्रशासनिक प्रतिक्रिया का उदाहरण प्रस्तुत किया। कुलपति ने इस अवसर पर कहा कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर तैयारी, जागरूकता और समन्वित प्रयास जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने छात्रों की सक्रिय भागीदारी और प्राध्यापकों, एनएसएस और एनसीसी टीमों के समर्पित प्रयासों की विशेष सराहना की।
कार्यक्रम का समापन एक विस्तृत समीक्षा बैठक के साथ हुआ। इस बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों, उप-घटना कमांडर संदीप मनुजा, डॉ. अंजलि सूद, संचार एवं सूचना अधिकारी डॉ. लव भूषण और डॉ. मंजुला शर्मा, सुरक्षा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अरुणा राणा, डॉ. निशांत वर्मा सहित अन्य अधिकारियों की भूमिकाओं का मूल्यांकन किया गया। विभिन्न प्रतिक्रिया टीमों के प्रदर्शन की समीक्षा और भविष्य के लिए सुधारात्मक सुझाव साझा किए गए, ताकि विश्वविद्यालय की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जा सके।
इस मॉक ड्रिल ने छात्रों और कर्मचारियों में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही, इस अभ्यास ने यह स्पष्ट कर दिया कि समय पर प्रतिक्रिया और समन्वित प्रयासों से किसी भी आपदा के दौरान जीवन और संपत्ति की रक्षा की जा सकती है।
ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया रोक क...
UK Government ने Under-16 बच्चों के लिए Social Media Ban का ऐलान किया। नए नियम अगले साल लागू हो सकते
मिथुन चक्रवर्ती का जन्मदिन: संघर्ष से शुरू हुआ सफर, बने करोड...
Mithun Chakraborty ने संघर्ष से Bollywood में बनाई पहचान। Disco Dancer से मिली विश्वभर में लोकप्रियत
शिमला में स्कूल संचालिका की हत्या, 40 घंटे बाद आरोपियों तक प...
Manisha Mittal Murder Case में हरियाणा से दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस तकनीकी और अन्य साक्ष्य
मृत लोगों के खातों से कौन निकाल रहा था पेंशन? सीबीआई जांच मे...
Chamba में CBI Raid के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। मृत लाभार्थियों के नाम पर Pension न
पराशर ऋषि मंदिर में सजा सरनाहुली मेला, उमड़े देवी-देवता और श...
मंडी के पराशर मंदिर में Saranahuli Fair शुरू। Devotees, Local Deities और धार्मिक परंपराओं का अद्भुत
विवाहिता की मौत से मचा बवाल, मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर ल...
पालमपुर में 31 वर्षीय विवाहिता पूजा की संदिग्ध मौत के बाद हंगामा। Family ने Murder Allegation लगाया,
चम्बा में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंक...
चुराह में युवक का शव मिलने से सनसनी। Police Investigation जारी, परिजनों ने हत्या की आशंका जताकर निष्