पालमपुर में वरिष्ठ नागरिकों की आजीविका प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल समापन
पालमपुर में वरिष्ठ नागरिकों की आजीविका प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल समापन

Author : Rajesh Vyas

March 26, 2026 6:02 p.m. 1492

पालमपुर में जिला कल्याण विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही “Productive Ageing Schemes” के अंतर्गत आयोजित आजीविका प्रशिक्षण कार्यशाला का आज समापन हो गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को नई कौशल सीखने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का था। सात दिनों तक चली इस कार्यशाला में लगभग 70 वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया, जिनमें बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल थीं।

कार्यशाला में वरिष्ठ नागरिकों को मोमबत्ती बनाने, कागज़ के लिफाफे तैयार करने और जुट के बाग बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। शुरुआती दिनों में मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद वरिष्ठ नागरिकों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे पूरी निष्ठा से प्रशिक्षण में शामिल रहे। सातवें और अंतिम दिन वरिष्ठ नागरिकों ने अपने हाथों से जुट के बाग तैयार किए। अपने बनाए हुए उत्पाद देखकर उनके चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास झलक रहा था।

समापन अवसर पर कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त क्षेत्रीय प्रबंधक SBI श्री ओंकार सूद मौजूद रहे। उन्होंने विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस तरह की पहल की सराहना की और कार्यशाला की अवधि बढ़ाने का सुझाव दिया। इस अवसर पर श्री तिलक जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी की प्रशंसा की।

कार्यशाला में तहसील कल्याण अधिकारी पालमपुर आलोक ठाकुर और वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र के मनीष भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी वरिष्ठ नागरिकों को उनके उत्साह और मेहनत के लिए बधाई दी। विभाग के अधिकारी और प्रशिक्षक यह सुनिश्चित कर रहे थे कि सभी प्रतिभागी प्रशिक्षण को सही तरीके से समझें और घर लौटकर भी इस कौशल का इस्तेमाल कर सकें।

कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने न केवल नई तकनीकें सीखीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास और सामाजिक सक्रियता में भी वृद्धि की। बुजुर्ग महिलाओं ने विशेष रूप से उत्साह दिखाया और उन्होंने मेहनत के साथ उत्पाद बनाए। प्रतिभागियों ने इस अवसर का भरपूर लाभ उठाया और अपनी कलात्मक क्षमताओं को निखारा।

इस प्रशिक्षण से यह संदेश गया कि वरिष्ठ नागरिक भी नई चीजें सीख सकते हैं और अपने हाथों से उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान बुजुर्गों ने न केवल कौशल सीखा बल्कि समूह में काम करने और एक-दूसरे का सहयोग करने का अनुभव भी प्राप्त किया।

अंत में सभी वरिष्ठ नागरिकों को उनके बनाए हुए उत्पाद सौंपे गए और उन्हें प्रोत्साहित किया गया कि वे आगे भी इस तरह की गतिविधियों में हिस्सा लें। विभाग ने कहा कि यह कार्यशाला बुजुर्गों के मानसिक और सामाजिक विकास में मदद करेगी और उन्हें नए अवसरों के लिए प्रेरित करेगी। इस तरह पालमपुर में वरिष्ठ नागरिकों की आजीविका प्रशिक्षण कार्यशाला ने उन्हें नई दिशा दी और बुजुर्गों के बीच उत्साह, आत्मविश्वास और कौशल विकास को बढ़ावा दिया।

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