ऊना में कृषि विश्वविद्यालय का किसान जागरूकता कार्यक्रम, प्राकृतिक खेती और टुटा एब्सोल्यूटा प्रबंधन की दी जानकारी
ऊना में कृषि विश्वविद्यालय का किसान जागरूकता कार्यक्रम, प्राकृतिक खेती और टुटा एब्सोल्यूटा प्रबंधन की दी जानकारी

Author : Rajesh Vyas

Oct. 8, 2026 4:38 p.m. 113

पालमपुर, 8 अक्टूबर: चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर की ओर से अनुसंधान उपकेंद्र अक़रोट में किसान जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम पंचायत सूरी, विकास खंड एवं तहसील अंब, जिला ऊना में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम में करीब 70 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जनार्दन सिंह ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि तकनीकों के बारे में व्यावहारिक जानकारी देना तथा कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना रहा।

प्राकृतिक खेती की उपयोगिता पर किसानों से संवाद

डॉ. जनार्दन सिंह ने किसानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक खेती की उपयोगिता, इसके प्रमुख सिद्धांतों और किसानों के लिए इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों से कृषि क्षेत्र में टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती सहित कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

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किसानों को व्यावहारिक जानकारी देने पर जोर

विश्वविद्यालय के अनुसार, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही नई और टिकाऊ तकनीकों के प्रति जागरूक करना है। साथ ही किसानों को ऐसी जानकारी उपलब्ध करवाना है, जिसका वे अपने खेतों में व्यावहारिक रूप से उपयोग कर सकें। कार्यक्रम में अनुसंधान उपकेंद्र अक़रोट के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण शर्मा और डॉ. सौरभ शर्मा भी मौजूद रहे।

टुटा एब्सोल्यूटा की निगरानी पर भी प्रशिक्षण

विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जनार्दन सिंह के मार्गदर्शन में इससे पहले कृषि विज्ञान केंद्र हमीरपुर और कृषि विज्ञान केंद्र ऊना में भी आरकेवीवाई परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का विषय “हिमाचल प्रदेश में टुटा एब्सोल्यूटा की निगरानी एवं जैव-सघन प्रबंधन” रहा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 150 से अधिक किसानों को इस विषय से संबंधित जानकारी दी गई।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के साथ साझा की जानकारी

इन कार्यक्रमों का समन्वय कृषि विज्ञान केंद्र मंडी के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पंकज सूद ने किया। कृषि विज्ञान केंद्र हमीरपुर और ऊना के कार्यक्रम समन्वयकों के साथ-साथ संबंधित वैज्ञानिकों ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागिता की। विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती, टिकाऊ कृषि तकनीकों और फसलों से जुड़े कीट प्रबंधन जैसे विषयों पर जागरूक करने का प्रयास किया गया।

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