ज्वालामुखी अस्पताल में नाश्ते की ब्रेड पर दिखी फफूंद, मरीजों और तीमारदारों ने जताई नाराजगी
ज्वालामुखी अस्पताल में नाश्ते की ब्रेड पर दिखी फफूंद, मरीजों और तीमारदारों ने जताई नाराजगी

Post by : Himachal Bureau

June 10, 2026 1:05 p.m. 2283

सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में भर्ती एक मरीज को नाश्ते के दौरान ऐसी ब्रेड परोसी गई, जिस पर फफूंद जमी हुई दिखाई दी। इस घटना के सामने आने के बाद मरीजों, उनके परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी का माहौल बन गया है। मामला तब और अधिक चर्चा का विषय बन गया जब इस पूरी घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा।

जानकारी के अनुसार अस्पताल में उपचाराधीन एक युवती को सुबह के नाश्ते में ब्रेड दी गई थी। जब उसने ब्रेड को ध्यान से देखा तो उसकी सतह पर खराबी दिखाई दी। संदेह होने पर युवती ने अपने मोबाइल फोन से ब्रेड का वीडियो बना लिया। वीडियो में ब्रेड पर स्पष्ट रूप से फफूंद जैसी परत दिखाई दे रही थी। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर साझा किया गया, जहां देखते ही देखते यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

घटना सामने आने के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों ने भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर चिंता व्यक्त की। कई लोगों का कहना है कि अस्पताल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें उठती रही हैं, लेकिन उन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का आरोप है कि मरीजों को स्वस्थ करने के लिए अस्पताल में भर्ती किया जाता है, लेकिन यदि उन्हें गुणवत्ताहीन भोजन दिया जाए तो इससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खराब या फफूंदयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से संक्रमण, पेट संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बेहद गंभीर मानी जाती है। यही कारण है कि इस घटना के बाद लोगों ने जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।

मामले के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। संबंधित अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बीएमओ ज्वालामुखी डॉ. पवन ने मामले का संज्ञान लेते हुए भोजन आपूर्ति से जुड़े ठेकेदार से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। लोगों का मानना है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की चूक को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

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