घुग्घर गैस एजेंसी में 45 दिन की बाध्यता से उपभोक्ता परेशान, 8500 कनेक्शन वाले क्षेत्र में बढ़ा विवाद
घुग्घर गैस एजेंसी में 45 दिन की बाध्यता से उपभोक्ता परेशान, 8500 कनेक्शन वाले क्षेत्र में बढ़ा विवाद

Author : Rajesh Vyas

May 5, 2026 11:44 a.m. 1598

पालमपुर के घुग्घर क्षेत्र में स्थित गैस एजेंसी इन दिनों रसोई गैस रिफिल को लेकर गंभीर विवादों के बीच घिर गई है। उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बुक करने के लिए 25 दिनों की जगह 45 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है और यह मुद्दा अब एक बड़ी जनसमस्या का रूप ले चुका है।

जानकारी के अनुसार, घुग्घर गैस एजेंसी का क्षेत्र “ग्रामीण” श्रेणी में दर्ज है, जिसके चलते सिस्टम में 45 दिन के बाद ही रिफिल बुकिंग की अनुमति मिलती है। वहीं, इसी नगर निगम क्षेत्र में मौजूद पालम गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं को केवल 25 दिन बाद ही गैस रिफिल मिल रही है। एक ही शहर के भीतर इस तरह की अलग-अलग व्यवस्था ने उपभोक्ताओं के बीच असंतोष को और बढ़ा दिया है।

उपभोक्ता संख्या में अंतर भी इस स्थिति को प्रभावित कर रहा है। घुग्घर गैस एजेंसी के पास करीब 8500 कनेक्शन हैं, जबकि पालम गैस एजेंसी के पास लगभग 28000 उपभोक्ता हैं। बड़ी एजेंसी के पास अधिक आपूर्ति और वितरण क्षमता होने के कारण वहां सेवाएं अपेक्षाकृत तेज हैं, जबकि छोटी एजेंसी में सप्लाई सीमित होने के कारण देरी हो रही है।

हालांकि, आम लोगों को इस तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं है, जिसके चलते वे सीधे एजेंसी कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराते हैं। हर दिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता एजेंसी कार्यालय पहुंच रहे हैं, जिससे बहस और विवाद की स्थिति बन रही है और कर्मचारियों पर भी मानसिक दबाव बढ़ रहा है।

वास्तविकता यह है कि गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के नियमों के अनुसार संचालित हो रही है। बावजूद इसके, उपभोक्ताओं में यह धारणा बन रही है कि जानबूझकर गैस उपलब्ध नहीं करवाई जा रही, जबकि जमीनी स्थिति इससे अलग बताई जा रही है।

तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई हैं। डिलीवरी के दौरान इस्तेमाल होने वाले एप में सीमित फंक्शन के कारण डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) समय पर अपडेट नहीं हो पाते, जिससे पोर्टल पर त्रुटियां आती हैं और प्रक्रिया और धीमी हो जाती है।

अब स्थानीय लोगों की मांग है कि घुग्घर क्षेत्र को “Urban” श्रेणी में अपडेट किया जाए, ताकि 45 दिन की बाध्यता समाप्त हो और उपभोक्ताओं को 25 दिन में ही गैस रिफिल की सुविधा मिल सके।

उपभोक्ताओं का कहना है कि जब दोनों एजेंसियां एक ही नगर निगम क्षेत्र में आती हैं, तो फिर अलग-अलग नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर अब शासन-प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग उठ रही है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और रोजाना हो रहे विवादों पर विराम लग सके।

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