धर्मशाला ब्लॉक में कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा योजना में बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन और उपवास किया
धर्मशाला ब्लॉक में कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा योजना में बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन और उपवास किया

Post by : Himachal Bureau

Jan. 31, 2026 1:01 p.m. 223

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को धर्मशाला ब्लॉक कांग्रेस की ओर से गांधी वाटिका में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करना और ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा में हाल ही में किए गए संशोधनों के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस नेताओं द्वारा महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि पर सम्मान प्रकट किया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा योजना में किए गए हालिया बदलावों और योजना के नाम बदलने के फैसले के विरोध में दो घंटे तक उपवास किया।

कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने बताया कि पिछले छेड़ महीने से प्रदेश के पंचायत स्तर पर मनरेगा बचाओ संग्राम चलाया जा रहा है। उनका कहना था कि इस प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार को यह संदेश दिया जा रहा है कि मनरेगा योजना में की गई छेड़छाड़ और नाम परिवर्तन स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने और ग्रामीण रोजगार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मनरेगा की शुरुआत की गई थी। इससे गांवों में लोगों को रोजगार मिला और अन्य राज्यों की ओर पलायन कम हुआ।

उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा के तहत विभिन्न कार्य स्वयं पंचायत स्तर पर तय होते थे और ग्रामीण श्रमिक पंचायत के अधीन कार्य करते थे। लेकिन नए संशोधन के तहत केंद्र सरकार तय करेगी कि कौन सा कार्य कहां होना है और ठेकेदारों के माध्यम से कार्य करवाए जाएंगे। इससे पंचायत प्रधानों और ग्रामसभा की शक्तियों में कमी आएगी। यह बदलाव ग्रामीण युवाओं के रोजगार के अवसरों और ग्रामीण आर्थिकी के सुदृढ़ीकरण के लिए खतरा है।

प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम धर्मशाला के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में यह मांग की गई कि मनरेगा का नाम न बदला जाए और योजना के मूल स्वरूप को बनाए रखा जाए। इस मौके पर पूर्व सांसद विप्लव ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरभजन सिंह भज्जी सहित जिले के अन्य वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे ग्रामीण रोजगार योजना के अधिकारों और मूल स्वरूप के प्रति सजग रहें और किसी भी प्रकार के बदलाव को अनुमति न दें। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रमुख माध्यम है।

इस अवसर पर नेताओं ने ग्रामीण लोगों को मनरेगा के महत्व, इसके उद्देश्यों और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अगर योजना में बदलाव हुआ तो यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं होगा, बल्कि ग्रामीण जनता और ग्रामीण रोजगार पर सीधा असर डालेगा।

इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने और योजना में संशोधन करने से ग्रामीण रोजगार प्रभावित होगा और योजना के मूल उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो पाएगी। इसलिए केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन से आग्रह किया गया कि योजना के नाम और स्वरूप में कोई बदलाव न किया जाए।

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