कांगड़ा में इनपुट डीलर डिप्लोमा कोर्स का समापन, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
कांगड़ा में इनपुट डीलर डिप्लोमा कोर्स का समापन, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

Author : Rajesh Vyas

June 9, 2026 3:25 p.m. 134

कांगड़ा जिले में कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आयोजित एक वर्षीय इनपुट डीलर डिप्लोमा कोर्स का सफल समापन हो गया। इस अवसर पर आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में कोर्स पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) कांगड़ा द्वारा किया गया था, जिसे राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान हैदराबाद और राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान मशोबरा के सहयोग से संचालित किया गया। यह एक वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम नवंबर 2024 में शुरू किया गया था।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़े इनपुट डीलरों को आधुनिक तकनीकों, नई कृषि पद्धतियों और किसानों के हितों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से सशक्त बनाना था। पूरे प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खेती से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे वे किसानों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान कर सकें। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समिति निदेशक डॉ. संतोष गुप्ता ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ है। अब वे पहले की तुलना में अधिक तकनीकी रूप से सक्षम हो गए हैं और किसानों तक सही जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य किसानों तक नई तकनीकों और बेहतर संसाधनों की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली कृषि सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

इससे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि किसान आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक खेती और गुणवत्तापूर्ण कृषि संसाधनों का उपयोग बेहद आवश्यक है। परियोजना निदेशक डॉ. शशि पाल अत्री ने सभी सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ सब्जियों, दालों और विलुप्त होती फसलों की खेती के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आधुनिक खेती और फसल विविधीकरण से किसानों को अधिक लाभ प्राप्त हो सकता है।

इस डिप्लोमा कोर्स में श्री कमलजीत सिंह ने प्रथम, शिवानी ठाकुर ने द्वितीय तथा अशोक कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कुल 40 प्रतिभागियों में से 8 ने प्रथम श्रेणी और 32 प्रतिभागियों ने द्वितीय श्रेणी में डिप्लोमा उत्तीर्ण किया। यह परिणाम प्रतिभागियों की मेहनत और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और सुझाव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें कृषि तकनीक और किसानों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला है। भविष्य में वे इस ज्ञान का उपयोग किसानों के हित में करेंगे।

समारोह में प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. पुनीत डोगरा, डॉ. अमित शर्मा, उप परियोजना निदेशक, प्रशिक्षक डॉ. अरुण व्यास, रोहित संग्राय तथा आत्मा कार्यालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के डिप्लोमा कोर्स कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आने वाले समय में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी और किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

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