कश्मीर घाटी में भूकंप के झटके, बडगाम में रिक्टर स्केल 4.8 मापा, लोग घरों से बाहर निकले
कश्मीर घाटी में भूकंप के झटके, बडगाम में रिक्टर स्केल 4.8 मापा, लोग घरों से बाहर निकले

Author : Rajesh Vyas

Feb. 2, 2026 6:09 p.m. 2613

कश्मीर घाटी के निवासियों के लिए सोमवार की सुबह एक भयावह अनुभव लेकर आई, जब बडगाम जिले में मध्यम तीव्रता का भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र बडगाम जिले में था, जो राजधानी श्रीनगर से केवल 21 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। भूकंप के झटकों के कारण लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षा के लिए खुले स्थानों पर खड़े हुए।

आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि भूकंप सुबह 5.35 बजे आया। झटकों के समय खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे, जिससे स्थानीय लोगों में भय और चिंता की लहर दौड़ गई। फिलहाल अधिकारियों द्वारा संभावित जान-माल के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

यह भूकंप कश्मीरवासियों को 8 अक्टूबर 2005 के भयानक भूकंप की याद दिला गया, जिसकी तीव्रता 7.6 थी और इसका केंद्र पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में था। उस समय 80 हजार से अधिक लोग मारे गए और मुजफ्फराबाद शहर पूरी तरह तबाह हो गया। इसके अलावा लगभग साढ़े तीन लाख लोग बेघर हुए, जबकि 1.38 लाख लोग घायल हुए थे।

इतिहास में इससे पहले 30 मई 1885 को कश्मीर घाटी में बारामूला भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 6.8 मापी गई। यह भूकंप भी बहुत विनाशकारी था, जिसमें कम से कम 3,081 लोगों की मौत हुई और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ।

विशेषज्ञों के अनुसार, कश्मीर घाटी और लद्दाख क्षेत्र, जिसमें जांस्कर भी शामिल है, भूकंप के दृष्टिकोण से संवेदनशील क्षेत्र हैं। यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से भूकंप प्रवण है, और यहां भविष्य में भी भूकंप की संभावना बनी रहती है।

हालांकि इस बार का भूकंप केंद्र बडगाम में था, फिलहाल किसी बड़ी मानव हानि की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों ने जनता से सतर्क रहने और कमजोर संरचनाओं या ढहने वाले भवनों से दूर रहने की सलाह दी है। इस भूकंप ने कश्मीरवासियों को सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की अहमियत का फिर से एहसास कराया है।

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