लद्दाख के पास चीता हेलीकॉप्टर क्रैश, सेना अधिकारी सुरक्षित बचाए गए
लद्दाख के पास चीता हेलीकॉप्टर क्रैश, सेना अधिकारी सुरक्षित बचाए गए

Post by : Himachal Bureau

May 23, 2026 4:54 p.m. 1460

लद्दाख के लेह के पास स्थित पहाड़ी टैंगस्टे इलाके में भारतीय सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह हेलीकॉप्टर पुराने चीता फ्लीट का हिस्सा था और अचानक उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या आने के बाद क्रैश हो गया। इस घटना में इंडियन आर्मी के तीन वरिष्ठ अधिकारी सवार थे, जो सौभाग्य से गंभीर रूप से घायल होने से बच गए और उनकी जान सुरक्षित रही।

जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर में एक लेफ्टिनेंट कर्नल, एक मेजर और तीसरी इन्फैंट्री डिवीजन के मेजर जनरल सचिन मेहता सवार थे। बताया गया कि लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर पायलट की भूमिका में सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर को संचालित कर रहे थे, जबकि मेजर जनरल मेहता पैसेंजर के रूप में यात्रा कर रहे थे। यह घटना 20 मई को हुई थी, जिसकी पुष्टि सेना के अधिकारियों ने आज सुबह की।

दुर्घटना के दौरान हेलीकॉप्टर अचानक असंतुलित होकर पहाड़ी इलाके में गिर गया, जिससे उसे गंभीर क्षति पहुंची। हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी तीनों अधिकारी समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए, हालांकि उन्हें हल्की चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे बचाव दल ने तुरंत उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

क्रैश के बाद एक और चौंकाने वाली बात सामने आई, जब मेजर जनरल सचिन मेहता और अन्य दो अधिकारियों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस तस्वीर में वे टूटे हुए हेलीकॉप्टर के पास चट्टानों पर बैठे दिखाई दे रहे हैं और स्थिति को संभालते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने लोगों का ध्यान एक बार फिर इस फ्लीट की सुरक्षा और उसकी पुरानी तकनीक की ओर खींचा है।

यह हादसा पुराने चीता हेलीकॉप्टर फ्लीट की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। यह फ्लीट 1970 के दशक में सेना को उपलब्ध कराया गया था और लंबे समय से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए उपयोग किया जा रहा है। सियाचिन जैसे कठिन इलाकों में भी इसका उपयोग किया गया है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसकी तकनीकी स्थिति और सुरक्षा को लेकर कई चिंताएं सामने आई हैं।

सेना अब धीरे-धीरे इन पुराने हेलीकॉप्टरों को हटाकर नए स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों को शामिल कर रही है, जिन्हें आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। अधिकारियों ने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि क्रैश के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने एक बार फिर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उड़ान संचालन की चुनौतियों और पुराने हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा पर गंभीर चर्चा को जन्म दिया है।

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