हिमाचल में ओलावृष्टि का कहर ,स्टोन फ्रूट और मटर की फसल तबाह
हिमाचल में ओलावृष्टि का कहर ,स्टोन फ्रूट और मटर की फसल तबाह

Post by : Himachal Bureau

March 17, 2026 1:44 p.m. 1832

हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से मौसम के बदले मिजाज ने किसानों और बागबानों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि से जहाँ कुछ फसलों को लाभ पहुँचा है, वहीं कई स्थानों पर तैयार खड़ी फसलों और बागवानी को भारी क्षति झेलनी पड़ी है। सोमवार को शिमला, बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी और कुल्लू जिलों के कई हिस्सों में हुई ओलावृष्टि का फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

स्टोन फ्रूट की फ्लावरिंग पर पड़ी मार

वर्तमान में प्रदेश के ऊपरी और मध्य क्षेत्रों में स्टोन फ्रूट के पौधों पर फ्लावरिंग का दौर चल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय हल्की बारिश बागवानी के लिए 'अमृत' के समान होती है, लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि ने फूलों को झड़ा दिया है। शिमला और कुल्लू के कोटखाई, चौपाल, नेरवा, ठियोग, कुफरी, फागू, मत्याना, जुब्बल और रोहड़ू क्षेत्रों में आड़ू, प्लम, खुबानी और नाशपाती के बागानों को काफी नुकसान पहुँचा है।

इसके अतिरिक्त, इन क्षेत्रों में तैयार हो रही मटर की फसल भी ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। हालांकि, बारिश से गेहूं की फसल को संजीवनी मिली है, लेकिन तेज तूफान के कारण कई जगह फसल जमीन पर बिछ गई है , जिससे कटाई में दिक्कत आ सकती है।

एंटी हेलनेट न लगाना पड़ा भारी

बागवानी विशेषज्ञ सुदर्शना नेगी का कहना है कि स्टोन फ्रूट के लिए नमी फायदेमंद है, लेकिन ओलावृष्टि उन बागबानों के लिए तबाही लेकर आई है जिन्होंने अभी तक अपने बागानों में एंटी हेलनेट  नहीं लगाई थीं। जिन बागबानों ने पहले ही जालियां लगा दी थीं, उनकी फसल अपेक्षाकृत सुरक्षित है। राहत की बात यह है कि सेब के पौधों को फिलहाल इस मौसम से कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुँचा है।

#मौसम अपडेट #हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #हिमाचल में खेती
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
मां आशापुरी मंदिर का इतिहास, पांडवों से जुड़ी हैं कई मान्यताएं चंबा मिंजर मेला समापन समारोह में CM सुक्खू करेंगे अध्यक्षता, कई सौगातें किन्नर कैलाश यात्रा शुरू, पहले दिन 115 श्रद्धालुओं ने किया पवित्र प्रस्थान मणिमहेश यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु महिमा, आस्था और भारतीय संस्कृति का महान पर्व कॉमनवेल्थ गेम्स में सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में जीता रजत पदक लगातार छठे दिन बंद रही माता वैष्णो देवी यात्रा, श्रद्धालुओं का इंतजार जारी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, किन्नर कैलाश यात्रा जारी रखने के आदेश