हिमाचल में 28 जुलाई तक लगातार भारी वर्षा की चेतावनी, जनजीवन पर बढ़ा संकट
हिमाचल में 28 जुलाई तक लगातार भारी वर्षा की चेतावनी, जनजीवन पर बढ़ा संकट

Post by : Himachal Bureau

July 25, 2026 10:35 a.m. 132

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने आगामी 28 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार वर्षा होने की संभावना जताई है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रदेश के दस जिलों के लिए येलो चेतावनी जारी की गई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हो रहा है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून सामान्य वर्षों की तुलना में अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है। लगातार कई दिनों तक वर्षा होने से पहाड़ी इलाकों की मिट्टी कमजोर पड़ जाती है, जिससे चट्टानें खिसकने और पहाड़ दरकने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी कारण संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

10 जिलों में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर अधिकांश जिलों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना और सोलन में कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। Heavy Rain Alert को देखते हुए जिला प्रशासन को भी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। हालांकि फिलहाल किसी जिले के लिए रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन लगातार वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, लोक निर्माण विभाग तथा बिजली विभाग की टीमें भी संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं।

लगातार बारिश से भूस्खलन का बढ़ा खतरा

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण कई स्थानों पर मलबा और चट्टानें गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। Landslide की घटनाओं के चलते प्रदेश की लगभग 100 सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिनमें कई प्रमुख और ग्रामीण मार्ग भी शामिल हैं। कुछ सड़कों पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया, जबकि कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग की मशीनें और कर्मचारी बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से अस्थायी रूप से टूट गया है।

प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा

लगातार बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। राहत एवं बचाव दल संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहे हैं। जहां कहीं भी सड़कें बंद हुई हैं या मलबा जमा हुआ है, वहां मशीनों के माध्यम से रास्ते साफ किए जा रहे हैं। आवश्यक सेवाएं जैसे बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं सुचारु रूप से चलती रहें, इसके लिए संबंधित विभागों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग लगातार मौसम विभाग से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर हालात की समीक्षा कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ा असर

भारी वर्षा और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया। कई स्थानों पर स्कूल, कॉलेज, आईटीआई तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित की गईं ताकि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्थिति में सुधार आने के बाद कुछ क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों को दोबारा खोला गया है, लेकिन प्रशासन लगातार मौसम की समीक्षा कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी निर्णय लिए जा सकते हैं।

नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नालों, खड्डों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। Monsoon Update के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों से कहा गया है कि वे पहाड़ी मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और राहत एजेंसियों से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।

कई क्षेत्रों में दर्ज हुई अच्छी वर्षा

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। शिमला जिले के मशोबरा में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बिलासपुर, ऊना, कुफरी, नैना देवी तथा सिरमौर के कई इलाकों में भी तेज बारिश हुई। लगातार वर्षा के कारण कई छोटे नाले उफान पर हैं और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी प्रकार वर्षा जारी रहती है तो निचले इलाकों में जलभराव तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

शिमला और कांगड़ा में नुकसान के बाद राहत अभियान जारी

बारिश के चलते राजधानी शिमला में कई स्थानों पर पेड़ गिरने और पहाड़ियों से मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचा, हालांकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वहीं कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने की घटना के बाद कई गांव प्रभावित हुए हैं। कई मकान, गोशालाएं तथा एक प्राथमिक विद्यालय मलबे की चपेट में आ गए। कुछ लोग घायल हुए हैं जबकि पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ तथा स्थानीय टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

पर्यटन स्थलों पर भी बढ़ाई गई निगरानी

प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी प्रशासन ने विशेष निगरानी बढ़ा दी है। पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में फिसलन बढ़ने के कारण ट्रैकिंग और साहसिक गतिविधियों से भी फिलहाल बचने की अपील की गई है। होटल संचालकों और स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे पर्यटकों को मौसम संबंधी आवश्यक जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराते रहें।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन बताए अहम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले छह दिनों तक प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। Yellow Alert के दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की भी संभावना है। ऐसे में किसानों, बागवानों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

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प्रशासन की आम लोगों से महत्वपूर्ण अपील

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। Himachal Weather को लेकर जारी अपडेट पर लगातार नजर रखें तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षा का सिलसिला इसी प्रकार जारी रहता है तो परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त एहतियाती कदम भी उठाए जा सकते हैं। राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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