फरवरी में बढ़ती धूप से मैदान और पहाड़ तपे, तापमान सामान्य से 7 डिग्री तक अधिक
फरवरी में बढ़ती धूप से मैदान और पहाड़ तपे, तापमान सामान्य से 7 डिग्री तक अधिक

Post by : Himachal Bureau

Feb. 25, 2026 10:46 a.m. 137

प्रदेश में फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में लगातार तेज धूप खिलने के कारण मैदानों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्र भी गर्मी की चपेट में आ गए हैं। सामान्यत: फरवरी का महीना ठंड का माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ दिखाई दे रहा है। दिन के समय धूप इतनी तेज महसूस की जा रही है कि लोगों को दोपहर के समय गर्मी का एहसास होने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से सात डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। हालांकि बीते दिन की तुलना में तापमान में बहुत बड़ा बदलाव नहीं आया है, फिर भी सामान्य औसत से अधिक तापमान चिंता का विषय बना हुआ है। लगातार साफ आसमान और बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।

प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी इस बार सामान्य से अधिक गर्मी दर्ज की जा रही है। कल्पा में दिन का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 7.6 डिग्री अधिक है। यह बढ़ोतरी प्रदेश में सबसे अधिक मानी जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की बढ़ी हुई गर्मी असामान्य मानी जाती है क्योंकि यहां फरवरी के दौरान आमतौर पर ठंड बनी रहती है। मौसम विभाग के अनुसार लगातार शुष्क मौसम और वर्षा की कमी के कारण तापमान में यह अंतर देखा जा रहा है। कल्पा जैसे ठंडे इलाके में भी दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है, जो स्थानीय लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बनी हुई है।

कुल्लू जिले के भुंतर में सामान्य से 5.7 डिग्री अधिक तापमान दर्ज किया गया है। वहीं राजधानी शिमला में तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक रिकॉर्ड हुआ है। ऊना में भी सामान्य से 4.3 डिग्री अधिक तापमान दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी का प्रभाव एक समान रूप से देखने को मिल रहा है। ऊना में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के लिए काफी ज्यादा माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान -5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि दिन और रात के तापमान में काफी अंतर बना हुआ है। दिन में गर्मी और रात में ठंड की स्थिति लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाल सकती है।

मंगलवार को कांगड़ा जिले में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई और मात्र 0.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि यह वर्षा बेहद कम रही और इससे तापमान में कोई विशेष गिरावट नहीं आई। फरवरी माह में प्रदेश में सामान्य से 90 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है। यह आंकड़ा चिंताजनक माना जा रहा है क्योंकि सर्दियों में होने वाली वर्षा और बर्फबारी जल स्रोतों को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस बार वर्षा की भारी कमी के कारण भविष्य में पानी की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है। किसानों के लिए भी यह स्थिति चिंता का कारण बन सकती है क्योंकि फसलों के लिए नमी जरूरी होती है।

प्रदेश में इन दिनों न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। आमतौर पर फरवरी के अंत में रात के समय ठंडक अधिक रहती है, लेकिन इस बार रात के तापमान में भी अपेक्षित गिरावट नहीं देखी जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि पूरे प्रदेश में मौसम का पैटर्न बदल रहा है। हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार रात के तापमान में आने वाले दिनों में बहुत अधिक बदलाव की संभावना नहीं है। दिन में धूप निकलने के कारण तापमान में वृद्धि जारी रह सकती है, लेकिन रात का मौसम लगभग स्थिर रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 25 और 26 फरवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। इससे दिन के तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 27 और 28 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने, हल्की वर्षा या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बन सकती है। यदि ऐसा होता है तो तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। फिलहाल लोगों को अगले दो दिनों तक गर्मी का एहसास जारी रहने की संभावना है।

प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया है। शिमला में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री और अधिकतम 18.0 डिग्री दर्ज हुआ। सुंदरनगर में न्यूनतम 8.9 और अधिकतम 25.6 डिग्री रहा। भुंतर में न्यूनतम 7.2 और अधिकतम 24.8 डिग्री दर्ज किया गया। कल्पा में न्यूनतम 0.8 और अधिकतम 15.0 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। धर्मशाला में न्यूनतम 10.6 और अधिकतम 22.0 डिग्री रहा। ऊना में न्यूनतम 8.6 और अधिकतम 28.4 डिग्री दर्ज किया गया। नाहन में न्यूनतम 9.7 और अधिकतम 23.1 डिग्री तथा सोलन में न्यूनतम 6.2 और अधिकतम 23.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।

फरवरी में इस तरह की गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड जरूर महसूस हो रही है, लेकिन दोपहर में धूप काफी तेज हो जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को दोपहर में गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बाजारों में भी दोपहर के समय लोगों की भीड़ कम देखी जा रही है। किसानों को भी फसलों की सिंचाई पर अधिक ध्यान देना पड़ रहा है क्योंकि बारिश की कमी से मिट्टी में नमी घट रही है।

फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। यदि हल्की वर्षा या बर्फबारी होती है तो तापमान में गिरावट संभव है और मौसम संतुलित हो सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। फरवरी के अंतिम दिनों में इस असामान्य गर्मी ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है और अब सबकी निगाहें आने वाले मौसम परिवर्तन पर टिकी हुई हैं।

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