हिमाचल में बारिश और भूस्खलन से हालात बिगड़े, 219 लोगों की मौत
हिमाचल में बारिश और भूस्खलन से हालात बिगड़े, 219 लोगों की मौत

Post by : Himachal Bureau

Aug. 21, 2026 10:24 a.m. 133

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। इससे प्रदेश में राहत और बचाव कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जगी है। इस बीच बारिश से हुए नुकसान का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और अब तक 219 लोगों की जान जा चुकी है।

23 अगस्त से कमजोर पड़ सकता है मानसून

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 21 और 22 अगस्त को हिमाचल के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 23 अगस्त के बाद मानसून की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 से 27 अगस्त के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। वहीं 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है। हालांकि चंबा और लाहौल-स्पीति के कुछ इलाकों में सामान्य बारिश हो सकती है।

135 सड़कें बंद, मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित

लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश की कई महत्वपूर्ण सड़कें बंद हो गई हैं। राज्य में हिमाचल मौसम अपडेट के बीच कुल 135 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। इनमें मंडी-कोटली राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है। मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 53 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 43 और चंबा में 10 सड़कें प्रभावित हैं। कई अन्य क्षेत्रों में भी सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी असर

बारिश और भूस्खलन का असर बिजली तथा पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। प्रदेश में सुबह 80 बिजली ट्रांसफार्मर बंद थे, जिनमें से शाम तक 22 को बहाल कर दिया गया। इसी तरह सुबह 116 पेयजल परियोजनाएं प्रभावित थीं, जिनकी संख्या शाम तक घटकर 79 रह गई।

मानसून में 219 लोगों की मौत

इस वर्ष का मानसून हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हुआ है। 30 जून से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 219 लोगों की मौत हो चुकी है। 330 लोग घायल हुए हैं, जबकि तीन लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी है। बारिश और भूस्खलन के कारण 86 मकान, 15 दुकानें और 312 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। राज्य को अब तक करीब 1108 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान है।

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लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा नुकसान

बारिश से सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। विभाग को करीब 825 करोड़ रुपये की क्षति का आकलन किया गया है। इसके अलावा जल शक्ति विभाग को लगभग 258 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना के बीच अब प्रशासन का ध्यान प्रभावित इलाकों में राहत, सड़क बहाली, बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था को सामान्य करने पर है। आने वाले दिनों में मौसम साफ होने से राहत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

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