Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
घुमारवीं, 21 अगस्त: घुमारवीं उपमंडल में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। घंटों बिजली बंद रहने और बार-बार आपूर्ति बाधित होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानदारों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र गर्ग ने प्रदेश सरकार और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
राजेंद्र गर्ग ने आरोप लगाया कि घुमारवीं क्षेत्र में बारिश हो या मौसम सामान्य हो, बिजली का आना-जाना लोगों के लिए रोजमर्रा की समस्या बन गया है। कई स्थानों पर लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से लोगों के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गर्मी के दौरान बुजुर्गों और मरीजों की परेशानी और अधिक बढ़ जाती है।
गर्ग ने घुमारवीं बिजली कटौती के साथ क्षेत्र में प्रस्तावित 132 केवी सब स्टेशन की धीमी गति का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, इस परियोजना को 27 अगस्त 2022 को बीओडी की बैठक में मंजूरी मिली थी और उस समय इसके लिए करीब 64 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। उनका आरोप है कि चार वर्ष बीतने के बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। देरी के चलते परियोजना की अनुमानित लागत बढ़कर करीब 97 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किया जाना था, उसकी लागत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी क्यों हुई। गर्ग ने कहा कि यदि 132 KV Sub Station समय पर तैयार हो जाता तो घुमारवीं क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को काफी मजबूती मिल सकती थी।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार बिजली व्यवस्था में सुधार के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग दिखाई दे रही है। उन्होंने बिजली कटौती को लेकर विद्युत विभाग से भी जवाबदेही तय करने की मांग की। गर्ग ने मानसून से पहले बिजली लाइनों की मरम्मत, पेड़ों की छंटाई और ट्रांसफार्मरों सहित अन्य उपकरणों की जांच नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि बारिश और तेज हवाओं के दौरान विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना पहले से रहती है, इसलिए विभाग को समय रहते रखरखाव का काम पूरा करना चाहिए।
राजेंद्र गर्ग ने स्थानीय विधायक एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुधारने को लेकर कई वादे किए गए थे, लेकिन वर्तमान स्थिति में लोगों को लगातार कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को केवल घोषणाओं की जरूरत नहीं है, बल्कि नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति चाहिए। उन्होंने सरकार से घुमारवीं की विद्युत व्यवस्था को तत्काल बेहतर करने की मांग की।
गर्ग ने मांग की कि घुमारवीं 132 केवी सब स्टेशन का निर्माण जल्द पूरा किया जाए और क्षेत्र में बिजली लाइनों तथा ट्रांसफार्मरों का नियमित निरीक्षण कराया जाए। साथ ही अनावश्यक बिजली कटौती को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा में लगातार परेशानी से आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनता की आवाज को और मजबूती से उठाएगी।
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घुमारवीं में बिजली कटौती की समस्या क्या है?
क्षेत्र के कई हिस्सों में बार-बार और लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायत सामने आई है।
132 केवी सब स्टेशन की लागत कितनी बताई गई है?
परियोजना के लिए पहले करीब 64 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जबकि अब इसकी लागत करीब 97 करोड़ रुपये पहुंचने का दावा किया गया है।
राजेंद्र गर्ग ने क्या मांग की है?
उन्होंने बिजली व्यवस्था सुधारने, सब स्टेशन का निर्माण जल्द पूरा करने और विद्युत ढांचे के नियमित रखरखाव की मांग की है।
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