राजगढ़ में सोनम वांगचुक के समर्थन में शांति मार्च, सौंपा ज्ञापन
राजगढ़ में सोनम वांगचुक के समर्थन में शांति मार्च, सौंपा ज्ञापन

Author : Gopal Dutt Sharma

July 20, 2026 3:46 p.m. 302

राजगढ़ (सिरमौर), 20 जुलाई। सिरमौर जिले के राजगढ़ में सोमवार को पर्यावरण संरक्षण और जनहित के मुद्दों को लेकर एक शांतिपूर्ण शांति मार्च आयोजित किया गया। इस दौरान समाजसेवियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने पर्यावरणविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से संवाद शुरू करने की मांग उठाई। शिरगुल चौक से प्रारंभ हुआ यह शांति मार्च नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय पहुंचा, जहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक अधिकारों और संवाद की आवश्यकता से जुड़े संदेश लिखे पोस्टर लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। प्रतिभागियों ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी विषय का स्थायी समाधान केवल बातचीत और आपसी विश्वास के माध्यम से ही संभव है।

ज्ञापन में सकारात्मक पहल और वार्ता की उठाई मांग

एसडीएम कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए सोनम वांगचुक तथा उनके प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र संवाद स्थापित किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती इस बात में निहित है कि विभिन्न विचारों को सम्मानपूर्वक सुना जाए और समस्याओं के समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपनाया जाए। उपस्थित लोगों ने विश्वास जताया कि बातचीत के माध्यम से ऐसे मुद्दों का सकारात्मक और सर्वमान्य समाधान निकाला जा सकता है।

समाजसेवियों ने कहा—यह अभियान पूरी तरह गैर-राजनीतिक

शांति मार्च का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी जय प्रकाश चौहान ने कहा कि यह आयोजन किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य केवल पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के भविष्य और जनहित के विषयों को लेकर समाज की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखना है। उन्होंने कहा कि राजगढ़ क्षेत्र के लोगों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस अभियान में भाग लिया है। उनका मानना है कि देश के महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और सामाजिक विषयों पर सरकार और संबंधित पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने राष्ट्रपति से भी अनुरोध किया कि केंद्र सरकार को इस दिशा में सार्थक पहल करने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि बातचीत के माध्यम से समाधान का मार्ग प्रशस्त हो सके।

लोकतांत्रिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर

सभा को संबोधित करते हुए कई वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल किसी एक क्षेत्र का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे देश और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जलवायु संतुलन और सतत विकास के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। ऐसे में संवाद, सहमति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही हर जटिल विषय का स्थायी समाधान खोजा जा सकता है।

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बड़ी संख्या में शामिल हुए सामाजिक और जनप्रतिनिधि

शांति मार्च में पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष परीक्षा चौहान, पूर्व जिला परिषद सदस्य शकुंतला प्रकाश, नगर पंचायत अध्यक्ष विक्रम जैलदार, पच्छाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश आर्य, सुंदर सिंह ठाकुर, इंद्र पाल ठाकुर, सोहन सिंह, नरेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, बुद्धिजीवी और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। मार्च के समापन पर उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित पक्षों के बीच वार्ता से समाधान का रास्ता निकलेगा और जनभावनाओं का सम्मान किया जाएगा।

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