पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में पशु रोग निदान पर विशेष प्रशिक्षण
पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में पशु रोग निदान पर विशेष प्रशिक्षण

Author : Rajesh Vyas

Aug. 7, 2026 5:01 p.m. 133

पालमपुर स्थित चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. जी.सी. नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में पशु रोगों के बेहतर उपचार और समय पर पहचान को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पशु चिकित्सा अधिकारियों को आधुनिक जांच तकनीकों और उपकरणों की जानकारी दी गई। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित इस चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पशुओं में होने वाली बीमारियों का जल्द और सटीक पता लगाने के लिए अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना था। प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी 12 जिलों से कुल 34 पशु चिकित्सा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस प्रशिक्षण श्रृंखला का आयोजन तीन चरणों में किया गया। पहला चरण 10 से 13 मार्च, दूसरा चरण 30 मार्च से 2 अप्रैल और तीसरा चरण 3 से 6 अगस्त तक आयोजित हुआ। 

आधुनिक तकनीकों से बेहतर होगा पशुओं का इलाज

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को पशु रोग निदान, Veterinary Science, Animal Health, आधुनिक नैदानिक तकनीक, पशु चिकित्सा प्रशिक्षण और स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।समापन समारोह की अध्यक्षता डॉ. पंकज सूद, अधिष्ठाता डॉ. जी.सी. नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय ने की। उन्होंने कहा कि पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बीमारियों की समय पर पहचान और सही उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि आधुनिक जांच तकनीकों के इस्तेमाल से पशुओं में रोगों की पहचान तेजी से की जा सकती है। इससे उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और पशुओं में फैलने वाली बीमारियों की निगरानी और नियंत्रण भी मजबूत होगा। उन्होंने क्षेत्र स्तर पर काम कर रहे पशु चिकित्सकों के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बेहद उपयोगी बताते हुए पशु चिकित्सा विभाग के प्रयासों की सराहना की।

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ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं पहुंचाने पर जोर

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पशुपालन विभाग शिमला के उपनिदेशक डॉ. संदीप मिश्रा ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारियों से अपील की कि वे यहां मिली नई तकनीकी जानकारी और अनुभव का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने में करें। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, आधुनिक जांच उपकरणों का प्रदर्शन, तकनीकी सत्र और व्यावहारिक अभ्यास करवाए गए। अधिकारियों को नई चिकित्सा पद्धतियों और जांच प्रक्रियाओं से भी अवगत करवाया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. आदर्श ने कहा कि पशु चिकित्सा विज्ञान लगातार विकसित हो रहा है और चिकित्सकों को नई तकनीकों से अपडेट रखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त किया।पशु चिकित्सा विभाग ने भविष्य में भी ऐसे क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि प्रदेश में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जा सके।

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