आपदा राहत पैकेज से भ्याड़ के करतार चंद का घर फिर हुआ तैयार
आपदा राहत पैकेज से भ्याड़ के करतार चंद का घर फिर हुआ तैयार

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Aug. 20, 2026 12:38 p.m. 125

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 और 2025 के दौरान भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने हजारों परिवारों को मुश्किल हालात में डाल दिया था। कई लोगों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि अनेक परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। ऐसे कठिन समय में प्रदेश सरकार की ओर से शुरू किया गया विशेष आपदा राहत पैकेज प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी मदद बनकर सामने आया। सरकार के इस प्रयास का उद्देश्य केवल तत्काल सहायता देना नहीं था, बल्कि जिन परिवारों के आशियाने पूरी तरह तबाह हो गए थे, उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करना भी था। इसी योजना से हमीरपुर जिले के भोरंज उपमंडल के भ्याड़ गांव निवासी करतार चंद के परिवार को भी नया सहारा मिला।

एक रात में मलबे में बदल गया था घर

वर्ष 2025 की बरसात करतार चंद के परिवार के लिए बेहद भयावह साबित हुई। लगातार हो रही तेज बारिश के बीच रात के समय अचानक ऐसी स्थिति बनी कि परिवार को अपनी जान बचाने के लिए घर से बाहर निकलना पड़ा। अंधेरी रात और खराब मौसम के बीच परिवार किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचा और दूसरे व्यक्ति के घर में शरण ली। जब सुबह करतार चंद अपने घर की स्थिति देखने पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस मकान में परिवार लंबे समय से रह रहा था, वह पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका था। घर के मलबे में से जो थोड़ा-बहुत सामान बचाया जा सका, उसे निकालने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता रहने के लिए छत की थी।

मजदूरी करने वाले करतार के सामने बड़ी चुनौती

करतार चंद दिहाड़ी-मजदूरी करके अपनी पत्नी, बेटे और बेटी का पालन-पोषण करते हैं। अचानक घर उजड़ जाने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट और रहने की समस्या दोनों खड़ी हो गईं। सीमित आमदनी के कारण अपने दम पर नया घर बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल था। ऐसे समय में प्रदेश सरकार का Himachal Relief Package उनके परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर आया। सरकारी सहायता मिलने से करतार चंद को लगा कि उनका परिवार फिर से अपने घर की छत के नीचे रह सकेगा।

सात लाख रुपये की मदद से शुरू हुआ निर्माण

विशेष आपदा राहत पैकेज के तहत करतार चंद के परिवार को शुरुआती राहत के साथ आवश्यक सामान उपलब्ध करवाया गया। इसके अलावा किराये के मकान में रहने के लिए भी आर्थिक सहायता दी गई, ताकि घर दोबारा बनने तक परिवार को सुरक्षित ठिकाना मिल सके। मकान के पुनर्निर्माण के लिए सरकार की ओर से सात लाख रुपये की राशि मंजूर की गई। इसमें चार लाख रुपये की पहली किश्त मिलने के बाद करतार चंद ने अपनी मेहनत की कमाई भी निर्माण कार्य में लगाई और नए मकान का काम शुरू कर दिया। कुछ ही महीनों में मकान का ढांचा खड़ा हो गया। अब घर में अंतिम चरण का काम चल रहा है और जल्द ही करतार चंद का परिवार अपने नए आशियाने में लौटने की उम्मीद कर रहा है।

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परिवार ने सरकार का जताया आभार

करतार चंद ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर विशेष राहत पैकेज नहीं मिलता तो परिवार के लिए दोबारा घर बनाना बहुत कठिन होता। करतार चंद की बेटी सीमा देवी ने भी आपदा की उस रात को याद करते हुए बताया कि उस घटना को याद करना आज भी परिवार के लिए डरावना है। हालांकि, सरकारी सहायता मिलने के बाद उनके परिवार को फिर से अपने घर की उम्मीद मिली और अब उनका नया मकान आकार ले चुका है। यह कहानी बताती है कि सही समय पर मिली सरकारी सहायता किसी आपदा प्रभावित परिवार के लिए केवल आर्थिक मदद नहीं होती, बल्कि वह उसके जीवन में दोबारा उम्मीद और सुरक्षा भी लेकर आती है।

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