बागवानी क्षेत्र को नई पहचान देने वाले डॉ. देवेन्द्र ठाकुर सेवानिवृत्त
बागवानी क्षेत्र को नई पहचान देने वाले डॉ. देवेन्द्र ठाकुर सेवानिवृत्त

Author : Sanjay Kumar Bilaspur

July 31, 2026 6:05 p.m. 127

शिमला। हिमाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी दूरदर्शी सोच, प्रभावी नेतृत्व और किसानों के हित में किए गए कार्यों के लिए पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अधिकारी एवं परियोजना निदेशक डॉ. देवेन्द्र सिंह ठाकुर 31 जुलाई को अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। लगभग चार दशकों तक बागवानी क्षेत्र से जुड़े रहने वाले डॉ. ठाकुर ने आधुनिक तकनीकों, नई योजनाओं और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल कीं, जिनका लाभ आज प्रदेश के हजारों किसान परिवारों को मिल रहा है। इस दौरान HPSHIVA Project, Himachal News, Horticulture Department, ADB Project, Farmers Scheme और Himachal Horticulture जैसे विषय विशेष रूप से चर्चा में रहे। उनके नेतृत्व में शुरू हुई कई योजनाओं ने प्रदेश में बागवानी के क्षेत्र को नई दिशा देने का काम किया।

चार दशक का सेवाकाल रहा उपलब्धियों से भरपूर

डॉ. देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने अपनी शैक्षणिक यात्रा बागवानी विषय से पूरी करने के बाद उद्यान विभाग में सेवाएं शुरू कीं और लगातार कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आधुनिक बागवानी तकनीकों को बढ़ावा देने, किसानों को नई फसल प्रणालियों से जोड़ने तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराया। उन्हें विदेशों में आधुनिक बागवानी, सूक्ष्म सिंचाई, परियोजना प्रबंधन और मूल्य संवर्धन से जुड़े प्रशिक्षण प्राप्त हुए, जिनका लाभ उन्होंने हिमाचल प्रदेश की योजनाओं के क्रियान्वयन में उठाया। उनकी कार्यशैली का उद्देश्य केवल योजनाएं तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना भी रहा।

कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को दिलाई नई पहचान

अपने लंबे सेवाकाल में डॉ. ठाकुर ने राज्य और केंद्र सरकार की अनेक बागवानी योजनाओं के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में बागवानी विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, पौध स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल की गईं। इसी दौरान कई उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए, पौध स्वास्थ्य क्लीनिकों की शुरुआत हुई तथा किसानों तक आधुनिक तकनीकों को पहुंचाने के लिए प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रयासों से प्रदेश में बागवानी उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सकारात्मक सुधार देखने को मिला।

एचपीशिवा परियोजना बनी सबसे बड़ी उपलब्धि

डॉ. देवेन्द्र सिंह ठाकुर के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि एशियाई विकास बैंक के सहयोग से संचालित महत्वाकांक्षी एचपीशिवा परियोजना मानी जाती है। इस परियोजना की अवधारणा तैयार करने से लेकर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन बनाने, आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने और इसे जमीनी स्तर तक सफलतापूर्वक लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह परियोजना गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, वैज्ञानिक बागवानी, सूक्ष्म सिंचाई, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन व्यवस्था को एक साथ जोड़ने की अवधारणा पर आधारित है। वर्तमान में यह योजना प्रदेश के कई जिलों में संचालित हो रही है और हजारों किसान परिवारों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन क्षमता मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की संभावना है।

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किसानों के हित और संस्थागत सुधारों को दी नई दिशा

डॉ. ठाकुर ने विभागीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ संस्थागत सुधारों और अधिकारियों के हितों के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने सेवा नियमों में सुधार, लंबित मामलों के समाधान और संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए। उनकी कार्यशैली हमेशा पारदर्शिता, नवाचार और टीमवर्क पर आधारित रही। बागवानी क्षेत्र में उनके योगदान को प्रदेश के कृषि एवं बागवानी विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सेवानिवृत्ति के अवसर पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार की गई योजनाएं आने वाले वर्षों में भी प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।

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