शान्ता कुमार को राष्ट्रीय सम्मान देने की उठी मांग, पूर्व विधायक का बयान
शान्ता कुमार को राष्ट्रीय सम्मान देने की उठी मांग, पूर्व विधायक का बयान

Author : Rajesh Vyas

July 31, 2026 6:15 p.m. 170

पालमपुर। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता शान्ता कुमार को उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने की मांग एक बार फिर उठी है। पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा कि देश के सर्वोच्च सम्मान मंच पर उन व्यक्तित्वों को स्थान मिलना चाहिए, जिन्होंने दशकों तक समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनका कहना है कि शान्ता कुमार का सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और जनसेवा का रिकॉर्ड उन्हें ऐसे सम्मान का मजबूत दावेदार बनाता है। इस दौरान Himachal News, Shanta Kumar, National Award, President of India, Palampur News और BJP Leader जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व केवल राजनीतिक नेता नहीं होते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनते हैं।

राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वालों को मिलना चाहिए सर्वोच्च सम्मान

पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति भवन केवल देश के प्रथम नागरिक का आधिकारिक निवास नहीं, बल्कि उन लोगों का सम्मान करने का सर्वोच्च मंच भी है जिन्होंने अपने कार्यों से राष्ट्र को नई दिशा दी है। विज्ञान, शिक्षा, कृषि, चिकित्सा, साहित्य, संस्कृति, प्रशासन, खेल, राजनीति और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को यहां सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान केवल किसी व्यक्ति की उपलब्धि नहीं होते, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय बनते हैं। इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और युवा पीढ़ी को ईमानदारी, समर्पण और सेवा की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।

शान्ता कुमार के कार्यों का किया उल्लेख

पूर्व विधायक ने कहा कि शान्ता कुमार का राजनीतिक जीवन कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने पंचायत स्तर से लेकर संसद के दोनों सदनों तक जनप्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता दी, जिससे प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में लोगों को राहत मिली। इसके अलावा गरीबों के लिए अंत्योदय जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने, विधवा, दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देने, प्रशासनिक सुधार लागू करने और जनहित को प्राथमिकता देने जैसे फैसलों ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा प्रदान की। उनके अनुसार शान्ता कुमार का कार्यकाल जनकल्याण आधारित शासन का उदाहरण माना जाता है।

समाज सेवा के क्षेत्र में भी निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

पूर्व विधायक ने कहा कि सक्रिय राजनीति से अलग होने के बाद भी शान्ता कुमार समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं, शोध संस्थानों और बुजुर्गों की देखभाल से जुड़े विभिन्न जनहितकारी प्रयासों के माध्यम से वे समाज के विभिन्न वर्गों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के लिए उनका समर्पण आज भी पहले की तरह जारी है और अनेक लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।

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राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने की उठाई मांग

प्रवीन कुमार ने कहा कि जिन व्यक्तित्वों ने निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र की सेवा की है, उन्हें उचित समय पर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि शान्ता कुमार ने राजनीति, प्रशासन और समाज सेवा के क्षेत्र में जो योगदान दिया है, वह उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान केवल किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं होते, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। यदि राष्ट्र अपने समर्पित व्यक्तित्वों का सम्मान करता है तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को भी मजबूती मिलती है और आने वाली पीढ़ियों में सेवा, ईमानदारी तथा राष्ट्रहित के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होता है।

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