हिमाचल की जेलों में क्षमता से 30 प्रतिशत अधिक कैदी, विधानसभा में खुलासा
हिमाचल की जेलों में क्षमता से 30 प्रतिशत अधिक कैदी, विधानसभा में खुलासा

Post by : Himachal Bureau

Aug. 25, 2026 10:27 a.m. 115

हिमाचल प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों की मौजूदगी का मामला सामने आया है। राज्य सरकार ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की जेलों में निर्धारित क्षमता के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत अधिक कैदी बंद हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य की जेलों में कुल 2,580 कैदियों को रखने की मंजूरी है, जबकि वर्तमान में 3,355 कैदी यहां रखे गए हैं। यानी जेलों में स्वीकृत क्षमता से 775 कैदी अधिक हैं। सरकार की ओर से यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के जवाब में दी। विधायक ने जेलों की क्षमता, कैदियों के वर्गीकरण, चिकित्सा सुविधाओं, मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में बंद कैदियों और जेलों के बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर जानकारी मांगी थी।

करीब दो-तिहाई कैदी विचाराधीन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश की 14 जेलों में 1,113 दोषी कैदी, 2,203 विचाराधीन कैदी और 39 नागरिक अथवा निवारक हिरासत में रखे गए लोग हैं। इससे पता चलता है कि कुल कैदियों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिनके मामलों में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। हिमाचल जेलों में कैदी, जेलों में ओवरक्राउडिंग, हिमाचल प्रदेश जेल, विचाराधीन कैदी, जेल क्षमता और एनडीपीएस कैदी इस मामले से जुड़े प्रमुख खोज शब्द हैं।

कई जेलों में क्षमता से काफी ज्यादा कैदी

राज्य की कई जेलों में स्थिति सामान्य क्षमता से काफी आगे पहुंच गई है। नाहन स्थित केंद्रीय जेल में 471 कैदियों की क्षमता के मुकाबले 553 कैदी रखे गए हैं। कांडा की केंद्रीय जेल में 438 की क्षमता के मुकाबले 530 कैदी हैं। धर्मशाला स्थित लाला लाजपत राय जिला एवं खुला कारागार भी अधिक भीड़ का सामना कर रहा है। यहां 355 कैदियों की मंजूर क्षमता के मुकाबले 552 कैदी रखे गए हैं। मंडी जिला जेल में 95 की क्षमता के मुकाबले 270 कैदी हैं, जबकि कुल्लू जिला जेल में 33 की क्षमता के मुकाबले 76 कैदी मौजूद हैं। किन्नौर जिला जेल में 183 की क्षमता के मुकाबले 237 और चंबा जिला जेल में 147 की क्षमता के मुकाबले 193 कैदी रखे गए हैं। इसके अलावा नूरपुर उपजेल, सोलन जिला जेल, ऊना जिला जेल और नालागढ़ उपजेल में भी स्वीकृत क्षमता से अधिक कैदियों की स्थिति सामने आई है।

नशे से जुड़े मामलों के कैदियों पर भी सरकार का जवाब

मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में दोषी कैदियों को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया कि मौजूदा जेल नियमों के तहत ऐसे दोषियों को खुले कारागार में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता। सरकार ने बताया कि संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत मादक पदार्थों से जुड़े दोषियों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। नशे से जुड़े मामलों की जांच को मजबूत करने के लिए कांगड़ा के नूरपुर, सोलन के बद्दी और ऊना में तीन नई मादक पदार्थ जांच प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी गई है। इन सुविधाओं का उद्देश्य जांच व्यवस्था को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना और मुख्य प्रयोगशाला पर निर्भरता कम करना है।

कैदियों के इलाज के लिए चिकित्सा व्यवस्था

सरकार ने विधानसभा को बताया कि नाहन, कांडा, धर्मशाला और बिलासपुर स्थित संबंधित जेलों में चार समर्पित चिकित्सा अधिकारी तैनात हैं। अन्य जेलों में आसपास के क्षेत्रीय अस्पतालों के चिकित्सक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कैदियों की स्वास्थ्य जांच करते हैं। जिन कैदियों को गंभीर या विशेष उपचार की आवश्यकता होती है, उन्हें क्षेत्रीय अस्पतालों अथवा चिकित्सा महाविद्यालयों में उपचार के लिए भेजा जाता है।

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हाई सिक्योरिटी जेल पर भी विचार

राज्य में एक अलग उच्च सुरक्षा जेल बनाने के सवाल पर सरकार ने कहा कि इस संबंध में उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। जेलों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए आधारभूत ढांचे का विस्तार आने वाले समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिमाचल प्रदेश की जेलों में 775 कैदियों का अतिरिक्त दबाव सामने आना जेल व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। विधानसभा में पेश आंकड़ों ने यह भी सामने रखा है कि विचाराधीन कैदियों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में जेलों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ मामलों के त्वरित निपटारे, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुधारात्मक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

हिमाचल प्रदेश की जेलों में कितने कैदी हैं?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश की 14 जेलों में 3,355 कैदी रखे गए हैं।

हिमाचल की जेलों की कुल क्षमता कितनी है?
राज्य की जेलों में 2,580 कैदियों को रखने की मंजूर क्षमता है।

जेलों में कितने विचाराधीन कैदी हैं?
उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2,203 कैदी विचाराधीन हैं।

क्या हिमाचल में नई जेल बनाने की योजना है?
सरकार ने उच्च सुरक्षा वाली जेल के निर्माण पर उचित समय पर निर्णय लेने की बात कही है।

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