नशा तस्करी में शामिल सरकारी कर्मचारियों पर सरकार सख्त, 5 बर्खास्त
नशा तस्करी में शामिल सरकारी कर्मचारियों पर सरकार सख्त, 5 बर्खास्त

Post by : Himachal Bureau

July 8, 2026 12:01 p.m. 251

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशा तस्करी के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए पांच सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सरकार का कहना है कि इन कर्मचारियों की संलिप्तता नशीले पदार्थों से जुड़े गंभीर मामलों में सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया। सभी संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं और कई मामलों में जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया अभी भी जारी है। सरकार ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी को राहत नहीं दी जाएगी।

सरकार ने यह कार्रवाई क्यों की?

जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिला प्रशासन ने इन मामलों की जांच के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश प्रदेश सरकार को भेजी थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने पांच कर्मचारियों को सेवा से हटाने का फैसला लिया। प्रशासन का मानना है कि सरकारी कर्मचारी समाज के लिए उदाहरण होते हैं और यदि वे खुद कानून तोड़ने या नशे के अवैध कारोबार में शामिल पाए जाते हैं तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है। इसी कारण सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की।

चार अन्य कर्मचारियों पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार

सरकार की कार्रवाई केवल पांच कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। जिला प्रशासन ने चार अन्य सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी विभागीय प्रक्रिया पूरी कर उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश सरकार को भेज दी है। इन मामलों पर अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो इन कर्मचारियों को भी सरकारी सेवा से हटाया जा सकता है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि सरकार नशे से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर ढील देने के पक्ष में नहीं है।

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एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हैं मामले

प्रशासन के अनुसार, जिन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनके नाम विभिन्न नशा तस्करी और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में सामने आए हैं। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। कुछ मामलों की जांच जारी है, जबकि कुछ मामलों में न्यायालय में सुनवाई चल रही है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों को सरकारी सेवा में बने रहने का अधिकार नहीं होगा।

जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार का जोर

हिमाचल प्रदेश सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि राज्य में नशा तस्करी और नशे के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। प्रशासन का कहना है कि चाहे कोई आम नागरिक हो या सरकारी कर्मचारी, यदि कोई भी व्यक्ति नशे के अवैध कारोबार में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि समाज में यह संदेश देना भी है कि नशे के खिलाफ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

सरकारी कर्मचारियों पर की गई यह कार्रवाई केवल विभागीय निर्णय नहीं, बल्कि एक सख्त संदेश भी है। प्रशासन का मानना है कि सरकारी कर्मचारी जनता के बीच विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक होते हैं। यदि ऐसे लोग ही कानून का उल्लंघन करते हैं तो इससे सरकारी व्यवस्था की छवि प्रभावित होती है। इसलिए सरकार ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाकर साफ संकेत देना चाहती है कि सरकारी सेवा में रहते हुए किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जांच एजेंसियां ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए हैं और जहां भी किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता सामने आएगी, वहां विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि नशा मुक्त हिमाचल बनाने के लिए हर स्तर पर सख्ती बरती जाएगी। आने वाले समय में भी यदि किसी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार नशे के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है।

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