Post by : Ram Chandar
हमीरपुर: जिले के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे आठ महीने से बाधित औषधियों की आपूर्ति अब पूरी तरह बहाल कर दी गई है। आयुष विभाग ने यह कदम मरीजों को राहत पहुँचाने और आयुर्वेदिक संस्थानों में उपचार कार्य को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है। सोमवार को जिला आयुष स्टोर से बड़सर क्षेत्र के अस्पतालों को दवाओं की खेप भेज दी गई, जबकि मंगलवार को नादौन उपमंडल के सभी आयुर्वेदिक संस्थानों में औषधियों की आपूर्ति की जाएगी। अगले दो-तीन दिनों के भीतर मरीज अस्पतालों में नियमित रूप से आयुर्वेदिक दवाइयां प्राप्त कर सकेंगे।
जिले में आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर, लंबलू, कढियार, बिझड़ी समेत कुल 72 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान संचालित हैं। पिछले आठ महीनों से इन संस्थानों में दवाओं की नियमित आपूर्ति बाधित रहने के कारण मरीजों को मजबूरी में बाजार से औषधियां खरीदनी पड़ रही थीं। कई जगह सामान्य बीमारियों के लिए आवश्यक औषधियां भी उपलब्ध नहीं थीं, जिससे ग्रामीण और शहर दोनों क्षेत्रों के मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
अब आयुष विभाग ने हमीरपुर मुख्यालय से लेकर उपमंडल स्तर तक करीब 95 प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियों की सप्लाई शुरू कर दी है। इसमें सामान्य बीमारियों, सर्दी-जुकाम, पाचन संबंधी, दर्द निवारक और अन्य आवश्यक दवाइयां शामिल हैं। इसका सीधा लाभ विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के उन मरीजों को मिलेगा, जो पूरी तरह से आयुर्वेदिक संस्थानों पर निर्भर हैं। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सप्लाई चरणबद्ध तरीके से की जाए ताकि हर अस्पताल में दवाइयां समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि उपमंडल स्तर के सभी आयुर्वेदिक संस्थानों में दवाओं की आपूर्ति लगातार की जा रही है और जल्द ही सभी अस्पतालों में मरीजों को नियमित रूप से दवाइयां मिलनी शुरू हो जाएंगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि अब आयुर्वेदिक इलाज के लिए संस्थानों पर भरोसा रखें और दवाओं की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता न करें।
इस प्रयास से न केवल मरीजों को तत्काल राहत मिलेगी, बल्कि आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन में भी नियमितता आएगी। विभाग का यह कदम मरीजों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेदिक उपचार की पहुँच को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित औषधियों की उपलब्धता से गंभीर और सामान्य दोनों प्रकार की बीमारियों का समय पर उपचार संभव हो पाएगा और आयुर्वेदिक उपचार प्रणाली पर लोगों का भरोसा और बढ़ेगा।
इस निर्णय से यह भी संदेश जाता है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के प्रति गंभीर है और ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अब मरीज बिना किसी असुविधा के अपने निकटतम आयुर्वेदिक संस्थान में जाकर दवाइयां प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी समय पर चिकित्सा सुनिश्चित होगी।
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