हमीरपुर में मॉनसून तैयारियों की समीक्षा, सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश
हमीरपुर में मॉनसून तैयारियों की समीक्षा, सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश

Post by : Himachal Bureau

June 9, 2026 6:52 p.m. 408

हमीरपुर जिले में आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को पहले से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कहा कि बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय रहते की गई तैयारी किसी भी संभावित नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी उपमंडलों में ऐसे स्थानों की पहचान की जाए जहां भूस्खलन , जलभराव या बाढ़ की संभावना अधिक रहती है। इन क्षेत्रों की सूची तैयार कर आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध करवाए जाएं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, वन विभाग और अन्य संबंधित विभाग अपनी मशीनरी, वाहनों और उपकरणों की पूरी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाएं। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी संसाधनों की सूची भी तैयार रखी जाए। पुलिस, होमगार्ड और स्वयंसेवी समूहों को भी किसी भी आपात स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में सड़कों, सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास खड़े सूखे तथा खतरनाक पेड़ों को जल्द से जल्द हटाया जाए। वन विभाग द्वारा ऐसे कई पेड़ों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान तेज हवा और बारिश के कारण ये पेड़ लोगों और संपत्ति के लिए खतरा बन सकते हैं। इसलिए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

उन्होंने सभी नगर निकायों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि नालों और नालियों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मॉनसून के दौरान जलभराव की समस्या से बचने के लिए जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि नालियां और नाले साफ रहेंगे तो बारिश का पानी आसानी से निकल सकेगा और नुकसान की संभावना कम होगी।

बैठक में पेयजल स्रोतों की स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया गया। जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए गए कि सभी जल स्रोतों की नियमित सफाई की जाए और पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखी जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को जरूरी दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तुरंत राहत मिल सके।

उपायुक्त ने कहा कि बरसात के मौसम में बाढ़ और जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। साथ ही सर्पदंश और अन्य संभावित खतरों से बचाव संबंधी जानकारी भी आम जनता तक पहुंचाई जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम विभाग द्वारा जारी मौसम चेतावनी और परामर्श संबंधी सूचनाओं को तुरंत लोगों तक पहुंचाया जाए। किसी भी प्रकार की घटना या नुकसान की जानकारी तुरंत जिला आपातकालीन संचालन केंद्र तक पहुंचनी चाहिए ताकि समय रहते सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न तैयारियों की जानकारी साझा की और बताया कि जिले में आपदा राहत से संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि बरसात के मौसम में सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को दें।

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