बड़सर बैठक में विधायक सुरेश कुमार का बड़ा बयान, दलबदल पर होगी कड़ी कार्रवाई
बड़सर बैठक में विधायक सुरेश कुमार का बड़ा बयान, दलबदल पर होगी कड़ी कार्रवाई

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

May 6, 2026 1:48 p.m. 739

बड़सर विधानसभा क्षेत्र में जिला परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मैहरे स्थित एक कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस बैठक की अध्यक्षता क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार ने की, जिन्होंने कई अहम मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक ने कहा कि प्रदेश में दलबदल कानून को लेकर सख्त रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो जनप्रतिनिधि किसी एक दल के टिकट पर चुनाव जीतकर बाद में दूसरी पार्टी में शामिल होकर चुनाव लड़ते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

विधायक के अनुसार सरकार द्वारा विधानसभा में एक प्रस्ताव लाया गया है, जिसमें दलबदल करने वाले विधायकों को छह साल तक चुनाव लड़ने से रोकने का प्रावधान किया गया है। यह प्रस्ताव पारित हो चुका है और अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद यह नियम प्रभावी हो जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान जिला परिषद चुनाव को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न वार्डों से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ बैठक में पहुंचे और उन्होंने अपने विचार रखे। सभी उम्मीदवारों की बात सुनने के बाद आपसी सहमति से प्रत्येक वार्ड के लिए एक पैनल तैयार किया गया।

विधायक ने कहा कि यह पैनल जल्द ही संबंधित पदाधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि समय रहते अंतिम निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर काम करें और चुनाव में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें। इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा की। बैठक में विधायक सुरेश कुमार ने सभी को मिलकर काम करने का संदेश दिया और कहा कि संगठन की एकता ही जीत की कुंजी है।

राजनीतिक हलकों में इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें उम्मीदवार चयन और संगठनात्मक रणनीति पर गहराई से विचार किया गया। साथ ही, सरकार के इस सख्त रुख को राजनीतिक फैसला के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर प्रभाव डाल सकता है। यह बैठक संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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