चंबा मेडिकल कॉलेज में डेढ़ साल की बच्ची की मौत, इलाज में लापरवाही के आरोप; परिजनों का हंगामा
चंबा मेडिकल कॉलेज में डेढ़ साल की बच्ची की मौत, इलाज में लापरवाही के आरोप; परिजनों का हंगामा

Post by : Himachal Bureau

Sept. 7, 2026 12:13 p.m. 133

चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डेढ़ वर्षीय बच्ची की उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ पर बच्ची को समय पर उपचार नहीं देने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

गंभीर हालत में बच्ची को लेकर चंबा पहुंचे थे परिजन

मृत बच्ची की पहचान कृतिका, निवासी नरवाड़ गांव, ग्राम पंचायत सेईकोठी, उपमंडल चुराह के रूप में हुई है। बच्ची के पिता कुलदीप सिंह के अनुसार, कृतिका की छाती में परेशानी थी और उसमें खून की कमी के लक्षण भी दिखाई दे रहे थे। बेहतर और जल्द उपचार की उम्मीद में परिजन उसे तीसा के नागरिक अस्पताल ले जाने के बजाय चंबा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, वे रविवार शाम करीब 4 बजे बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसे तत्काल भर्ती नहीं किया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद शाम लगभग 5:30 बजे बच्ची को अस्पताल में दाखिल किया गया।

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एक्स-रे और जांच के लिए भटकने का आरोप

बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि भर्ती किए जाने के बाद उन्हें एक्स-रे करवाने के लिए भेजा गया, लेकिन वहां कोई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद कुछ अन्य जांचें करवाने को कहा गया, जिसके लिए परिजनों को निजी लैब जाना पड़ा। परिजनों का कहना है कि जांच करवाकर वापस लौटने के बाद बच्ची को भाप देने और इंजेक्शन लगाने की बात कही गई। परिवार ने आरोप लगाया कि इस दौरान आपातकालीन कक्ष में कोई वरिष्ठ या विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था और बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती रही।

हालत बिगड़ने के बाद हुई मौत

परिजनों के मुताबिक, बच्ची काफी देर तक गंभीर हालत में रही और उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई। उनका आरोप है कि मौत से करीब 15 मिनट पहले एक डॉक्टर बच्ची को देखने पहुंचे। इसके बाद उसे इंजेक्शन लगाया गया और भाप दी गई। परिजनों का दावा है कि इसके बाद बच्ची अचेत हो गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और पूरे मामले की जांच की मांग उठाई। बच्ची की मां ने भी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

अस्पताल प्रबंधन ने जांच का दिया भरोसा

मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. प्रदीप ने कहा कि परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष कमेटी गठित की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्ची की मौत के मामले में परिजनों के आरोपों की जांच होना बाकी है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं।

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