बालक राम शर्मा ने मोबाइल की लत पर बच्चों के बचपन को लेकर चेतावनी दी
बालक राम शर्मा ने मोबाइल की लत पर बच्चों के बचपन को लेकर चेतावनी दी

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

April 18, 2026 3:22 p.m. 148

बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश वैटरन सैनिक कल्याण एवं विकास समिति के प्रदेशाध्यक्ष कैप्टन बालक राम शर्मा ने पत्रकार वार्ता के दौरान आज के बदलते सामाजिक हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस तरह तेजी से तकनीक का विस्तार हुआ है, उसी तरह बच्चों का बचपन भी धीरे-धीरे मोबाइल की दुनिया में कैद होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कभी बच्चे मिट्टी में खेलते थे, पेड़ों पर चढ़ते थे और दोस्तों के साथ मैदानों में दौड़ लगाते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब सुबह की शुरुआत मैदानों की आवाजों से नहीं, बल्कि मोबाइल की नोटिफिकेशन से होती है। यह बदलाव केवल आदत नहीं बल्कि एक गंभीर सामाजिक संकट का रूप ले चुका है।

आज छोटे-छोटे बच्चे घंटों तक ऑनलाइन गेम, वीडियो और सोशल मीडिया में व्यस्त रहते हैं। खेल के मैदान सुनसान हो चुके हैं और घरों के कोने-कोने में मोबाइल की रोशनी चमकती रहती है। यह स्थिति धीरे-धीरे मोबाइल लत में बदलती जा रही है, जो बच्चों के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर पड़ रहा है। इससे बाल विकास प्रभावित हो रहा है, साथ ही आंखों की रोशनी कमजोर होना, नींद की समस्या और अकेलापन जैसी परेशानियां भी बढ़ रही हैं।

कैप्टन बालक राम शर्मा ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि बच्चे अब असली रिश्तों और सामाजिक संवाद से दूर होते जा रहे हैं। परिवार के सदस्य एक ही कमरे में बैठकर भी अपने-अपने मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, जिससे आपसी बातचीत कम हो रही है। यह स्थिति समाज में दूरी और भावनात्मक खालीपन पैदा कर रही है, जो आगे चलकर गंभीर परिणाम दे सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलते दौर में अभिभावक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। व्यस्त जीवनशैली के कारण माता-पिता बच्चों को समय देने के बजाय मोबाइल थमा देते हैं, जिससे यह आदत धीरे-धीरे लत बन जाती है।

इसके साथ ही उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर भी चिंता जताई और कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों के दिमागी संतुलन और भावनात्मक विकास को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता, लेकिन इसका संतुलित उपयोग जरूरी है। बच्चों को फिर से खेल, किताबों और रचनात्मक गतिविधियों की ओर लौटाना होगा, वरना आने वाली पीढ़ी केवल स्क्रीन तक सीमित होकर रह जाएगी।

#हिमाचल प्रदेश #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #बिलासपुर
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बड़ा सड़क हादसा, बस गिरने से 20 लोगों की मौत श्रीनगर एयरपोर्ट पर दो विदेशी हिरासत में, सैटेलाइट फोन मिलने से हड़कंप ई-कॉमर्स कंपनी की लापरवाही, तीन महीने बाद भी उपभोक्ता को नहीं मिला रिफंड हिमाचल में मौसम बदला, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गर्मी सिरमौर में लिफ्ट हादसे में युवक की मौत, कंपनी में मचा हड़कंप सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों के निपटारे में देरी पर सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाए सवाल कांगड़ा में सड़क हादसा, ओवरटेकिंग के दौरान ट्रैक्टर चालक ने खोया संतुलन बनोगी कोठी में देव रथ खींचने का दृश्य बना आकर्षण, लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा