Ashish Sharma ने Girls School Merge पर कांग्रेस को घेरा

Post by : Himachal Bureau

गर्ल्स स्कूल मर्ज के मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। इस विषय पर विधायक आशीष शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल विलय के मामले में कुछ लोग केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविक आवश्यकता विद्यार्थियों और अभिभावकों की समस्याओं का समाधान करने की है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान Ashish Sharma, Girls School Merge, Congress, Education, और Himachal News जैसे विषय व्यापक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। विधायक ने कहा कि शिक्षा से जुड़े फैसले पूरी पारदर्शिता और जनहित को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए, ताकि किसी भी छात्र, अभिभावक या शिक्षक को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

श्रेय लेने की राजनीति पर उठाए सवाल

विधायक आशीष शर्मा ने अपने बयान में कहा कि स्कूल विलय जैसे महत्वपूर्ण विषय को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी निर्णय से विद्यार्थियों की पढ़ाई, शिक्षकों की व्यवस्था या विद्यालयों के संचालन पर प्रभाव पड़ता है तो उस पर सभी पक्षों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के सामने वास्तविक तथ्यों को रखना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार का भ्रम पैदा न हो। उनके अनुसार विकास और शिक्षा के मुद्दों पर राजनीति के बजाय समाधान आधारित सोच अपनाई जानी चाहिए।

विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों पर दिया जोर

विधायक ने कहा कि किसी भी शिक्षा नीति या प्रशासनिक निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ता है। इसलिए सरकार को ऐसे सभी मामलों में स्थानीय लोगों की राय, विद्यालयों की स्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में स्कूलों के विलय या अन्य प्रशासनिक निर्णयों से विद्यार्थियों को असुविधा होती है तो संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर उचित समाधान निकाला जाना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता

आशीष शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने आधुनिक संसाधनों, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर बल दिया। उनका कहना था कि शिक्षा के क्षेत्र में लिए जाने वाले प्रत्येक निर्णय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता विकास कार्यों और ठोस परिणामों को महत्व देती है। इसलिए राजनीतिक बयानबाजी के बजाय शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक और स्थायी सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर ऐसे निर्णय लेने चाहिए जो प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षा व्यवस्था के हित में हों।

July 24, 2026 5:42 p.m. 398
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