ऊना स्कूली वाहनों पर प्रशासन सख्त, सुरक्षा मानकों पर डीसी के कड़े निर्देश
ऊना स्कूली वाहनों पर प्रशासन सख्त, सुरक्षा मानकों पर डीसी के कड़े निर्देश

Post by : Himachal Bureau

March 10, 2026 1:45 p.m. 2527

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा कदम उठाया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त  ऊना, जतिन लाल ने स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर व्यापक और सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों की घर से स्कूल और स्कूल से घर तक की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 33 और 34 के तहत जारी इन आदेशों के अनुसार, जिले में संचालित होने वाली सभी स्कूल बसों, वैन और अन्य निजी स्कूली वाहनों को परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक हितों को ध्यान में रखते हुए किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक स्कूली वाहन के पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीकरण , बीमा और प्रदूषण नियंत्रण  जैसे सभी कानूनी दस्तावेज होने अनिवार्य हैं, जिन्हें किसी भी आकस्मिक निरीक्षण के दौरान सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। वाहनों की तकनीकी स्थिति के साथ-साथ उनके स्टाफ की योग्यता पर भी कड़े नियम लागू किए गए हैं। अब प्रत्येक स्कूल वाहन में एक प्रशिक्षित चालक का होना अनिवार्य है, जिसके पास 'परिवहन वाहन' श्रेणी का वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।

साथ ही, बच्चों की देखरेख और आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए वाहन में एक सहायक या परिचालक की उपस्थिति भी सुनिश्चित करनी होगी। वाहनों की पहचान के लिए उनके आगे और पीछे स्पष्ट रूप से "स्कूल बस" या "वैन" अंकित होना चाहिए और उस पर संबंधित स्कूल का नाम व संपर्क नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है।सुरक्षा उपकरणों के मामले में भी प्रशासन ने कोई ढील नहीं छोड़ी है। उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूली वाहनों में चालू स्थिति में अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक उपचार बॉक्स, सुचारू रूप से कार्य करने वाले दरवाजे, उचित बैठने की व्यवस्था और गति को नियंत्रित करने के लिए 'स्पीड गवर्नर' उपलब्ध होने चाहिए। विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में वाहनों में बच्चों की क्षमता से अधिक 'ओवरलोडिंग' न की जाए और वाहन की गति निर्धारित सीमा के भीतर ही रहे।

इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी  और जिले के सभी उपमंडलाधिकारियों  को आदेश दिए गए हैं कि वे अगले 15 दिनों के भीतर एक विशेष चेकिंग और प्रवर्तन अभियान चलाएं। इस अभियान के तहत जिले भर के स्कूली वाहनों का सघन निरीक्षण किया जाएगा और इसकी विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को सौंपी जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी स्कूल बस या वैन इन निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती पाई गई, तो उसके विरुद्ध भारी जुर्माना, वाहन की जब्ती, संचालन पर रोक और संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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