रूढ़िवादी सोच को चुनौती देते हुए बिमला देवी ने शूलिनी यूनिवर्सिटी में संभाली कार्ट ड्राइवर की जिम्मेदारी
रूढ़िवादी सोच को चुनौती देते हुए बिमला देवी ने शूलिनी यूनिवर्सिटी में संभाली कार्ट ड्राइवर की जिम्मेदारी

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 26, 2026 10:59 a.m. 107

सोलन, 25 सितंबर: पारंपरिक रूप से पुरुषों से जुड़े माने जाने वाले ड्राइविंग जैसे काम में बिमला देवी ने नई भूमिका संभालकर लैंगिक समानता और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों का संदेश दिया है। बिमला देवी अब शूलिनी यूनिवर्सिटी में कार्ट ड्राइवर के तौर पर काम कर रही हैं। इस भूमिका के जरिए उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के साथ-साथ काम का नया अनुभव हासिल करने का अवसर मिला है। बिमला देवी ने कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय में काम करना अच्छा लगता है और वह अपनी नई जिम्मेदारी से खुश हैं।

नई भूमिका से बढ़ा आत्मविश्वास

बिमला देवी के अनुसार, कार्ट ड्राइवर के तौर पर काम करने से उन्हें कमाई के साथ-साथ पेशेवर अनुभव और जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला है। उनकी यह भूमिका उन महिलाओं के लिए भी उदाहरण पेश करती है जो पारंपरिक रूप से पुरुषों से जुड़े कामों में आगे बढ़ना चाहती हैं। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि रोजगार के अवसरों तक समान पहुंच महिलाओं को अपनी पसंद के क्षेत्र में काम करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद कर सकती है।

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समान अवसरों पर विश्वविद्यालय का जोर

शूलिनी यूनिवर्सिटी की ट्रस्टी और वाइस प्रेसिडेंट अवनी खोसला ने कहा कि बिमला देवी को कार्ट ड्राइवर की जिम्मेदारी देना समान अवसर की दिशा में एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि संस्थानों को लोगों की क्षमताओं को पहचानते हुए उन्हें पारंपरिक भूमिकाओं से अलग जिम्मेदारियां संभालने का अवसर देना चाहिए। उनके अनुसार, समावेशी कार्यस्थल बनाने के लिए जरूरी है कि किसी व्यक्ति के काम का निर्धारण केवल पारंपरिक लैंगिक धारणाओं के आधार पर न हो।

महिलाओं को ड्राइविंग जैसे पेशों में आगे आने की अपील

शूलिनी यूनिवर्सिटी के ऑपरेशन्स डायरेक्टर और सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सुनील दत्त मेहता ने बिमला देवी को नई भूमिका संभालने में सहयोग दिया। उन्होंने अधिक महिलाओं को ड्राइविंग सहित ऐसे क्षेत्रों में आने के लिए प्रोत्साहित किया, जहां लंबे समय से पुरुषों की संख्या अधिक रही है। उन्होंने महिलाओं से अलग-अलग पेशेवर जिम्मेदारियां आत्मविश्वास के साथ संभालने और नए अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।

अवसरों तक समान पहुंच जरूरी

शूलिनी यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एसोसिएट डायरेक्टर और हेड पायल खन्ना ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अवसरों, विकल्पों और नेतृत्व की भूमिकाओं तक समान पहुंच मिलना जरूरी है। बिमला देवी की नई जिम्मेदारी को विश्वविद्यालय ने लैंगिक समानता, आर्थिक आत्मनिर्भरता और समावेशी रोजगार की दिशा में एक पहल के रूप में प्रस्तुत किया है।

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