टीकाकरण के कुछ घंटे बाद 45 दिन की बच्ची की मौत, जांच शुरू
टीकाकरण के कुछ घंटे बाद 45 दिन की बच्ची की मौत, जांच शुरू

Post by : Himachal Bureau

June 4, 2026 3:20 p.m. 746

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 45 दिन की मासूम बच्ची की अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग, अस्पताल प्रशासन और पुलिस सभी मामले की जांच में जुट गए हैं। परिजनों ने बच्ची की मौत को लेकर कई सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार शिमला के संजौली क्षेत्र में रहने वाला एक परिवार अपनी 45 दिन की बच्ची को नियमित टीकाकरण के लिए अस्पताल लेकर गया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नवजात और शिशुओं को जन्म के कुछ सप्ताह बाद आवश्यक टीके लगाए जाते हैं ताकि उन्हें विभिन्न गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिल सके। इसी प्रक्रिया के तहत बच्ची को अस्पताल में निर्धारित टीके लगाए गए थे।

परिजनों के अनुसार अस्पताल में टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ समय तक बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। जब उसकी स्थिति सामान्य दिखाई दी तो परिवार उसे घर लेकर लौट आया। परिवार का कहना है कि घर पहुंचने के कुछ समय बाद बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों ने बताया कि बच्ची की शारीरिक गतिविधियां कम होने लगीं और उसकी हालत चिंताजनक दिखाई देने लगी।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि स्थिति गंभीर होते देख बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए और आवश्यक आपातकालीन उपचार भी दिया। डॉक्टरों की टीम ने काफी देर तक बच्ची की हालत को संभालने की कोशिश की, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में दुखद माहौल बन गया। परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। महज डेढ़ महीने पहले जिस घर में बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम का माहौल है। परिजनों का कहना है कि वे पूरे मामले की सच्चाई जानना चाहते हैं और उन्हें उम्मीद है कि जांच के बाद वास्तविक कारण सामने आएंगे।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। शुरुआती स्तर पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक नमूने सुरक्षित रखे हैं। इन नमूनों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से कहा जा सकेगा कि मौत की वजह क्या रही।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को लगाए जाने वाले नियमित टीके स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और उनकी गुणवत्ता एवं सुरक्षा को लेकर निर्धारित मानकों का पालन किया जाता है। हालांकि इस मामले में सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

पूरा परिवार न्याय और सच्चाई की उम्मीद लगाए बैठा है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। जांच रिपोर्ट और वैज्ञानिक परीक्षणों के नतीजे आने के बाद ही बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों से पर्दा उठ सकेगा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया है और लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

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