Post by : Himachal Bureau
शिमला में सील्ड रोड पर वाहनों की आवाजाही को लेकर शुरू हुआ विवाद उस समय और बढ़ गया जब हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने इसके विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर पहले मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध जताया और बाद में सचिवालय की ओर मार्च करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अधिवक्ताओं का कहना था कि वर्षों से वे छोटा शिमला से हाई कोर्ट तक इसी मार्ग का उपयोग करते आ रहे हैं, लेकिन अब पुलिस द्वारा उनकी गाड़ियों को रोका जा रहा है और दूसरे मार्ग से आने के लिए कहा जा रहा है। उनका तर्क है कि वैकल्पिक मार्ग पर अक्सर भारी यातायात रहता है, जिससे समय पर अदालत पहुंचना मुश्किल हो जाता है और न्यायिक कार्य भी प्रभावित होते हैं। इसी मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट के वकीलों ने खुलकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सील्ड रोड से गुजर रहे कई वाहनों पर आपत्ति जताई। इसी क्रम में सील्ड रोड पर चल रही कुछ सरकारी गाड़ियों की भी जांच की गई। नियमों के पालन को लेकर वकीलों और प्रशासन के बीच काफी देर तक बहस होती रही। इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया और आम लोगों का ध्यान भी इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया।
वकीलों का कहना है कि हाल ही में पास व्यवस्था में बदलाव किया गया है और शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले कम शुल्क में मिलने वाला पास अब काफी महंगा हो गया है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं को इस मार्ग के उपयोग से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कारण वकील प्रदर्शन लगातार तेज होता गया और बड़ी संख्या में अधिवक्ता इसमें शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। एक महिला और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस की घटना भी सामने आई, जिसने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया। शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने से आम लोगों को भी असुविधा हुई।
बाद में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच बातचीत हुई। बैठक में विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई और प्रशासन ने समस्या के समाधान के लिए एक समिति गठित करने का आश्वासन दिया। साथ ही अधिवक्ताओं को विशेष रियायत के साथ परमिट उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। बताया गया कि केवल प्रमाणित अधिवक्ता ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
बैठक के बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना है और जल्द ही स्थायी समाधान निकालने का भरोसा दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिमला में सील्ड रोड व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है और सभी की नजर अब प्रशासन द्वारा लिए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हुई है।
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