शिमला के ठियोग में हाई-डेंसिटी बागवानी सेब उत्पादन में बढ़ोतरी
शिमला के ठियोग में हाई-डेंसिटी बागवानी सेब उत्पादन में बढ़ोतरी

Post by : Ram Chandar

Feb. 27, 2026 11:34 a.m. 2337

शिमला: जिले की ठियोग तहसील के ग्राम पंचायत क्यार के जई गांव के प्रगतिशील बागवान सुनील शर्मा आधुनिक तकनीक के माध्यम से सेब उत्पादन में नया प्रयोग कर रहे हैं। विदेशों की तर्ज पर वे बौने पौधों (Dwarf plant) की उच्च घनत्व वाली बागवानी अपनाकर बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। इस पहल से हिमाचल के बागवान विदेशी सेब को कड़ी चुनौती देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

हाल के वर्षों में अमेरिका, न्यूजीलैंड और यूरोपीय देशों से आने वाले सेब पर आयात शुल्क घटकर लगभग 20 से 25 प्रतिशत रह गया है। ऐसे में पारंपरिक किस्मों की मांग प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए युवा बागवान नई तकनीक अपनाने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। बौने पौधों की विशेषता यह है कि एक बीघा भूमि में करीब 300 से 350 पौधे लगाए जा सकते हैं, जबकि पारंपरिक बड़े पौधों की संख्या केवल 40 से 50 तक ही सीमित रहती है।

बौने पौधों से उत्पादन भी अधिक मिलता है। एक पौधे से औसतन 20 किलोग्राम तक की उपज प्राप्त हो सकती है, जबकि पारंपरिक पौधों से प्रति पौधा केवल दो से तीन कार्टन ही मिल पाते हैं। इसके अलावा इन पौधों से प्राप्त फलों का रंग, आकार और गुणवत्ता भी बेहतर होती है, जिससे बाजार में अच्छे दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

सुनील शर्मा ने एम-9 रूट स्टॉक पर करीब 1700 पौधे लगाए हैं, जिनमें रेड डिलिशियस और गाला किस्में शामिल हैं। जई गांव के अन्य बागवान भी इस तकनीक को अपनाने लगे हैं। दीपक मेहता पिछले सात-आठ वर्षों से इस पद्धति से बागवानी कर रहे हैं और उनके बगीचे में लगभग 4000 बौने पौधे हैं। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य किसान भी धीरे-धीरे उच्च घनत्व बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यदि आधुनिक तकनीक और सरकारी सहयोग मिले तो हिमाचल के सेब अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी ऐसे नवाचार करने वाले बागवानों को प्रोत्साहन देने और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई है।

यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि प्रदेश के बागवानों की आय में वृद्धि और सेब उद्योग को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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