शिमला के जुब्बल-कोटखाई में एंटी-हेल गन पर एक साल की रोक, हाईकोर्ट ने लगाई पाबंदी
शिमला के जुब्बल-कोटखाई में एंटी-हेल गन पर एक साल की रोक, हाईकोर्ट ने लगाई पाबंदी

Post by : Himachal Bureau

Oct. 6, 2026 1:07 p.m. 122

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला जिले के जुब्बल और कोटखाई क्षेत्रों में एंटी-हेल गन के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह रोक सरकारी और निजी स्तर पर संचालित की जा रही सभी एंटी-हेल गनों पर लागू होगी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने की।

एक साल तक बंद रहेगा एंटी-हेल गन का संचालन

अदालत ने निर्देश दिया है कि मामले से जुड़ी विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट आने तक कम से कम एक वर्ष के लिए एंटी-हेल गनों का संचालन बंद रखा जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी रिपोर्ट मांगी है कि एंटी-हेल गन के संचालन पर रोक लगाए जाने के बाद आसपास के क्षेत्रों को इसका कोई लाभ हुआ या नहीं। विशेष रूप से देवरीघाट और बड़ौनघाट क्षेत्रों में रोक के प्रभाव का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।

एक घंटे से अधिक संचालन के दौरान हुई भारी बारिश

अदालत के समक्ष बागवानी निदेशक की ओर से दाखिल हलफनामे में एंटी-हेल गन के संचालन और मौसम संबंधी परिस्थितियों से जुड़े तथ्य रखे गए। हलफनामे के अनुसार, जब हेल कंट्रोल सिस्टम को एक घंटे से अधिक समय तक संचालित किया गया, उस दौरान भारी बारिश दर्ज की गई। इन्हीं तथ्यों और उपलब्ध वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने एंटी-हेल गन के प्रभावों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आगे जांच की जरूरत महसूस की है। हालांकि, इसे एंटी-हेल गन के कारण ही बारिश होने का अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता, क्योंकि इस विषय पर विस्तृत अध्ययन अभी जारी है।

नौणी विश्वविद्यालय कर रहा वैज्ञानिक अध्ययन

एंटी-हेल गन तकनीक और उसके संभावित प्रभावों को लेकर डॉ. वाईएस परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में वैज्ञानिक अध्ययन चल रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस अध्ययन को पूरा होने में अभी करीब चार वर्ष का समय लग सकता है। मामले की वैज्ञानिक प्रकृति को देखते हुए हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को भी मामले में प्रतिवादी बनाया है। अदालत ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के माध्यम से नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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8 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से भी आवश्यक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत यह देखना चाहती है कि एंटी-हेल गन के संचालन पर रोक का आसपास के क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ा है और वैज्ञानिक अध्ययन से इस तकनीक के प्रभावों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं। मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है। तब तक एंटी-हेल गन के इस्तेमाल पर लगी रोक प्रभावी रहेगी।

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