राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी के महानिदेशक ने राज्यपाल से की मुलाकात
राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी के महानिदेशक ने राज्यपाल से की मुलाकात

Post by : Himachal Bureau

June 3, 2026 12:20 p.m. 752

राजधानी शिमला स्थित लोक भवन में राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी के महानिदेशक एस. आलोक ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न प्रशासनिक, प्रशिक्षण और संस्थागत विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान अकादमी की गतिविधियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की गई।

बैठक के दौरान महानिदेशक ने राज्यपाल को बताया कि राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी देश में वित्तीय प्रबंधन, लेखा परीक्षण और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि अकादमी भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ाना और उन्हें बदलती प्रशासनिक एवं वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।

उन्होंने जानकारी दी कि अकादमी द्वारा प्रशिक्षण के साथ-साथ अनुसंधान और क्षमता निर्माण से जुड़ी अनेक पहलें भी संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों के माध्यम से अधिकारियों को आधुनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों, पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन से संबंधित विषयों की गहन जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इससे सरकारी संस्थानों में कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।

महानिदेशक ने कहा कि आज के समय में सार्वजनिक धन के बेहतर उपयोग और वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित एवं दक्ष अधिकारियों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अकादमी लगातार अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आधुनिक और व्यावहारिक बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अकादमी विभिन्न विषयों पर शोध कार्यों को बढ़ावा देकर नीतिगत सुधारों और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाओं में भी योगदान दे रही है।

राज्यपाल ने अकादमी की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन का विशेष महत्व होता है। इन मूल्यों को मजबूत बनाने में प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराना प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के लिए आवश्यक है।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि अकादमी द्वारा कौशल विकास और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान भविष्य में भी अपने प्रशिक्षण और अनुसंधान कार्यक्रमों के माध्यम से देश की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।

मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने प्रशासनिक सुधारों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशिक्षण गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। राज्यपाल ने अकादमी के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यों के लिए शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी उत्कृष्ट कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर अकादमी की उपलब्धियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संस्थागत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि संस्थान आने वाले समय में भी अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

#शिमला #हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
लगातार छठे दिन बंद रही माता वैष्णो देवी यात्रा, श्रद्धालुओं का इंतजार जारी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, किन्नर कैलाश यात्रा जारी रखने के आदेश 26 जुलाई से शुरू होगा अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला, राज्यपाल करेंगे शुभारंभ हमीरपुर के समर्थ अत्री का एशियन आइस स्केटिंग ट्रॉफी में चयन दादा से पोती तक कायम रही निशानेबाजी की विरासत, प्रदेश का बढ़ाया मान पूर्व गृह मंत्रालय अधिकारी का बड़ा दावा, पाक क्रिकेट टीम पर लगे गंभीर आरोप राम मंदिर चढ़ावा मामले में आज आएगी SIT की फाइनल रिपोर्ट, हो सकते हैं बड़े खुलासे 15 जुलाई को जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए दाम, भरवाने से पहले देखें रेट