मंडी की टॉपर अलीशा बनीं एक दिन की उपायुक्त, संभाली प्रशासन की कमान
मंडी की टॉपर अलीशा बनीं एक दिन की उपायुक्त, संभाली प्रशासन की कमान

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

June 16, 2026 12:09 p.m. 122

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की एक प्रतिभाशाली छात्रा ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल पढ़ाई में शानदार सफलता हासिल की, बल्कि एक दिन के लिए जिले की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने का अवसर भी प्राप्त किया। दसवीं कक्षा की परीक्षा में 99.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाली कोटली क्षेत्र की छात्रा अलीशा को एक दिन के लिए उपायुक्त मंडी की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह अवसर उनके लिए एक सम्मान के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को नजदीक से समझने का महत्वपूर्ण अनुभव भी साबित हुआ।

जिला प्रशासन की विशेष पहल के तहत अलीशा ने पूरे दिन विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने उपायुक्त कार्यालय में पहुंचकर अधिकारियों के कार्यों को देखा, लोगों की समस्याओं को सुना और यह समझने का प्रयास किया कि प्रशासन आम जनता की शिकायतों और आवश्यकताओं का समाधान किस प्रकार करता है। इस दौरान उन्हें सरकारी कामकाज और निर्णय प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

एक दिन की उपायुक्त के रूप में अलीशा ने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को करीब से देखा। इसके अलावा राज्य स्तर पर आयोजित मेगा मॉक ड्रिल के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों का भी अवलोकन किया। उन्होंने देखा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और अन्य एजेंसियां किस प्रकार मिलकर राहत और बचाव कार्यों को अंजाम देती हैं।

इस अवसर पर अलीशा को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। अलीशा की सफलता को जिले के लिए गर्व का विषय बताया गया और कहा गया कि ऐसे विद्यार्थी समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं।

जिला प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर भी मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत मेधावी विद्यार्थियों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव कराया जा रहा है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्य तय करने में मदद मिलती है।

अलीशा ने इस अवसर को अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों को इतने करीब से देखना उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य भविष्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना है और देश व समाज की सेवा करना है। इस अनुभव ने उन्हें अपने लक्ष्य की दिशा में और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा दी है।

उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी संदेश दिया कि सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। यदि विद्यार्थी अपनी कमजोरियों और खूबियों को पहचानकर लगातार प्रयास करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं।

इस अवसर पर अलीशा की माता और उनकी अध्यापिका भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल अलीशा की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है जो मेहनत और लगन के साथ अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। अलीशा की यह उपलब्धि निश्चित रूप से जिले के अन्य छात्रों को भी आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करेगी।

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