रूपिन पास में भारी हिमपात से मचा संकट, बर्फ में फंसीं हजारों भेड़-बकरियां, 1700 के करीब पशुधन सुरक्षित निकाला
रूपिन पास में भारी हिमपात से मचा संकट, बर्फ में फंसीं हजारों भेड़-बकरियां, 1700 के करीब पशुधन सुरक्षित निकाला

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Oct. 6, 2026 10:25 a.m. 127

किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और शिमला जिले के डोडरा-क्वार के बीच स्थित दुर्गम रूपिन पास क्षेत्र में अचानक भारी हिमपात, ओलावृष्टि और बर्फीले तूफान ने भेड़पालकों और उनके पशुधन के लिए मुश्किल हालात पैदा कर दिए। सांगला कांडा से डोडरा-क्वार की ओर जा रहे चरवाहे अपने झुंड के साथ क्षेत्र में फंस गए थे। शुरुआती जानकारी में करीब 1,500 से 2,000 भेड़-बकरियों के बर्फ में फंसने या दबने की आशंका जताई गई थी।

तीन फीट से ज्यादा बर्फ में फंसा पशुधन

रूपिन पास क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद कई स्थानों पर तीन फीट से अधिक बर्फ जमा हो गई थी। हालात इतने कठिन हो गए कि बर्फ में फंसी कुछ भेड़-बकरियों के केवल सींग ही दिखाई दे रहे थे। उस समय वास्तविक नुकसान का आंकड़ा स्पष्ट नहीं था और प्रशासन तथा रेस्क्यू टीमों की ओर से स्थिति का आकलन किया जा रहा था। बताया गया कि सर्दियों के शुरू होने से पहले ऊंचाई वाले क्षेत्रों से नीचे लौट रहे भेड़पालक अचानक मौसम खराब होने के कारण रास्ते में फंस गए। 27 सितंबर को पुलिस को उनके फंसे होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त रेस्क्यू टीम तैयार की।

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दुर्गम इलाके में पहुंची रेस्क्यू टीम

29 और 30 सितंबर को पुलिस और राजस्व विभाग की टीम कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच प्रभावित क्षेत्र तक पहुंची। लगातार बर्फबारी और बर्फीले तूफान के कारण रेस्क्यू अभियान आसान नहीं था। इसके बावजूद टीम ने चरवाहों को सुरक्षित निकालने के साथ पशुधन को बचाने पर भी काम किया।

1700 के करीब भेड़-बकरियां सुरक्षित निकाली गईं

बाद की जानकारी के अनुसार रेस्क्यू अभियान में करीब 1,600 से 1,700 भेड़-बकरियों को सुरक्षित वापस निकाला गया। अभियान के दौरान बर्फ में दबी दो बकरियों और तीन भेड़ों को भी जीवित बाहर निकाला गया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने खराब मौसम के बावजूद अभियान जारी रखा।

शुरुआती आशंका से अलग सामने आई रेस्क्यू की तस्वीर

घटना के शुरुआती चरण में बड़ी संख्या में पशुधन के बर्फ में दबने की आशंका सामने आई थी। उस समय वास्तविक नुकसान का आकलन बर्फ हटने और पशुधन की गिनती के बाद ही संभव बताया गया था। बाद में रेस्क्यू टीम ने बड़ी संख्या में भेड़-बकरियों को सुरक्षित निकाल लिया। रूपिन पास जैसे ऊंचाई वाले और दुर्गम क्षेत्र में अचानक मौसम बदलने से भेड़पालकों के सामने गंभीर चुनौती पैदा हुई। रेस्क्यू अभियान के दौरान टीमों को भारी बर्फबारी, बर्फीले तूफान और कठिन रास्तों के बीच काम करना पड़ा।

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