किन्नौर के थवारिंग गांव में भीषण आग, कई मकान और सामान जलकर राख
किन्नौर के थवारिंग गांव में भीषण आग, कई मकान और सामान जलकर राख

Post by : Himachal Bureau

May 13, 2026 1:19 p.m. 1495

जनजातीय जिला किन्नौर के मूरंग पंचायत अंतर्गत थवारिंग वार्ड में मंगलवार को एक भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला कर रख दिया। अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले स्थानीय निवासी अरविंद कुमार के मकान में लगी। शुरुआती समय में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया, लेकिन कुछ ही देर में आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। लकड़ी और पारंपरिक निर्माण सामग्री से बने मकानों के कारण आग ने जल्दी विकराल रूप ले लिया। आसपास के लोगों ने जब धुआं और आग की लपटें देखीं तो पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयासों के कारण आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। अगर समय पर आग नहीं बुझाई जाती तो आसपास के कई और मकान इसकी चपेट में आ सकते थे।

इस अग्निकांड में सबसे अधिक नुकसान अरविंद कुमार के परिवार को हुआ है। उनका पूरा मकान और घर के अंदर रखा सामान पूरी तरह जल गया। कपड़े, फर्नीचर, जरूरी दस्तावेज और घरेलू सामान सब कुछ आग में राख हो गया। इसके अलावा पड़ोसी हंस राज और यशमान सिंह के मकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।

घटना के बाद प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और प्रभावित परिवारों का हाल जाना। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध करवाई गई है। एडीएम पूह घनश्याम दास शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले अरविंद कुमार को 20 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। वहीं अन्य प्रभावित परिवारों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लकड़ी से बने मकानों में आग लगने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए समय-समय पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरूरी है। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की है।

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