कांगड़ा एयरपोर्ट: रनवे होगा 3010 मीटर लंबा, विस्थापितों को मिलेंगे 37 लाख
कांगड़ा एयरपोर्ट: रनवे होगा 3010 मीटर लंबा, विस्थापितों को मिलेंगे 37 लाख

Post by : Himachal Bureau

April 10, 2026 noon 160

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के आर्थिक और सामरिक कायाकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार कार्य ने अब निर्णायक रफ्तार पकड़ ली है। सरकार और जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की लंबी प्रक्रिया के बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनर्विस्थापन (आर एंड आर) की विस्तृत योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हवाई अड्डे के वर्तमान 1376 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 3010 मीटर किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 150 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। यह विस्तार शाहपुर और कांगड़ा विधानसभा क्षेत्रों के 14 राजस्व गांवों तक फैला है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राहत और राशि वितरण का पहला चरण इसी सप्ताह से शुरू हो जाएगा, जिसमें सबसे पहले रछियालू गांव के लगभग 400 प्रभावित परिवारों को कवर किया जाएगा।

विस्थापितों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और पारदर्शी पुनर्वास पैकेज तैयार किया है। इस योजना के तहत प्रत्येक विस्थापित परिवार को अपना नया आशियाना बनाने के लिए 153.6 वर्ग मीटर (लगभग 8 मरला) भूमि प्रदान की जाएगी, साथ ही नया मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपए की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि नए मकान की रजिस्ट्री पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर की जाएगी, जिसका स्टांप शुल्क और पंजीकरण का पूरा खर्च परियोजना प्राधिकरण स्वयं वहन करेगा। इसके अतिरिक्त, जो परिवार सरकारी जमीन या अन्य सुविधाओं के बजाय स्वयं की व्यवस्था करना चाहते हैं, उनके लिए प्रशासन ने 37 लाख रुपए की एकमुश्त राशि का विकल्प भी खुला रखा है।

उपायुक्त हेमराज बैरवा के अनुसार, प्रशासन पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे। इस परियोजना को केवल बुनियादी ढांचे के विकास के रूप में नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक 'गेम चेंजर' के रूप में देखा जा रहा है। रनवे विस्तार के बाद बड़े और आधुनिक विमानों की लैंडिंग संभव हो पाएगी, जिससे धर्मशाला और मकलोडगंज जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलेंगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे।

कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के तहत रनवे की क्षमता को 1376 मीटर से बढ़ाकर 3010 मीटर किया जाएगा, जिससे यहाँ बड़े विमानों का संचालन संभव होगा। इस परियोजना की जद में कांगड़ा और शाहपुर के 14 राजस्व गांव आ रहे हैं, जिनके विस्थापितों के लिए प्रशासन ने व्यापक योजना बनाई है। प्रभावितों को आवास सहायता के रूप में 8 मरला जमीन और नया घर बनाने के लिए 3 लाख रुपए की वित्तीय मदद दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जो परिवार सरकारी जमीन नहीं लेना चाहते, उनके लिए पुनर्वास पैकेज के बदले 37 लाख रुपए की एकमुश्त राशि का विकल्प रखा गया है। सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मकान की रजिस्ट्री पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होना अनिवार्य किया गया है।

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