महान दार्शनिक डॉ राधाकृष्णन की जयंती पर देशभर में श्रद्धा के साथ कार्यक्रम आयोजित
महान दार्शनिक डॉ राधाकृष्णन की जयंती पर देशभर में श्रद्धा के साथ कार्यक्रम आयोजित

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

April 17, 2026 11:06 a.m. 147

आज पूरे देश में महान शिक्षक, दार्शनिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। यह दिन उनके जीवन, विचारों और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को याद करने का अवसर प्रदान करता है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुत्तनी में हुआ था। बचपन से ही वे पढ़ाई में अत्यंत मेधावी थे और उन्होंने आगे चलकर भारतीय दर्शन को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। वे न केवल एक महान शिक्षक थे, बल्कि एक गहरे चिंतक और लेखक भी थे, जिन्होंने अपने विचारों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की और अपने ज्ञान तथा सरल स्वभाव से विद्यार्थियों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। उनके विचारों में भारतीय दर्शन और आधुनिक शिक्षा का सुंदर मेल देखने को मिलता है। वे मानते थे कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र और सोच को भी विकसित करे।

डॉ. राधाकृष्णन ने देश के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में 1962 से 1967 तक अपनी सेवाएं दीं। इससे पहले वे देश के पहले उपराष्ट्रपति भी रहे। उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षा और नैतिक मूल्यों को विशेष महत्व दिया गया। उनकी सादगी, विनम्रता और ज्ञान आज भी लोगों को प्रेरित करता है। आज के समय में जब शिक्षा के क्षेत्र में कई नई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं, तब उनके विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उन्होंने हमेशा कहा कि सच्चा शिक्षक वही होता है, जो अपने छात्रों को सोचने और समझने की प्रेरणा दे।

देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में आज विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में छात्र और शिक्षक उनके जीवन और आदर्शों पर चर्चा कर रहे हैं और उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प ले रहे हैं। यह अवसर सभी को यह याद दिलाता है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक अच्छे इंसान का निर्माण करना भी है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्ची शिक्षा वही है, जो व्यक्ति को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाती है। उनके विचार आज भी हर शिक्षक और विद्यार्थी के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

#ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
कांगड़ा में सड़क हादसा, ओवरटेकिंग के दौरान ट्रैक्टर चालक ने खोया संतुलन बनोगी कोठी में देव रथ खींचने का दृश्य बना आकर्षण, लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा जवानों के अपमान पर हिमाचल देव सेना का बड़ा बयान, दोषियों पर कार्रवाई की मांग हिमाचल दिवस पर सीएम सुक्खू ने राज्य स्तरीय पुरस्कार देकर उत्कृष्ट प्रतिभाओं को किया सम्मानित 79वें हिमाचल दिवस पर किन्नौर में भव्य समारोह, सीएम सुक्खू ने की बड़ी घोषणाएं किन्नौर के कल्पा में सीएम सुक्खू का दौरा, स्कूल और हॉस्टल निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए ऊना के दुलैहड़ गांव में 27 वर्षीय युवक ने घर में फंदा लगाकर दी जान, जांच जारी पूण्डीर ऋषि के नए पालसरा बने हीरालाल, सैंज घाटी में खुशी और आस्था का माहौल